शैला!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैला – Shailaa. Name of the 16th earth of the Khar division of Ratanaprabha earth. पहली रत्नप्रभा पृथ्वी के खारभाग में 16वीं पृथ्वी जो 1000योजन मोटी है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैला – Shailaa. Name of the 16th earth of the Khar division of Ratanaprabha earth. पहली रत्नप्रभा पृथ्वी के खारभाग में 16वीं पृथ्वी जो 1000योजन मोटी है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्ण – Svarna. Gold, name of a city in the south of Vijayardh mountain. सोना, एक धातु, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुज्यमान आयु – Bhujyamana Ayu. Present age. वर्तमान में जिस आयु को भोगा जा रहा है वह भुज्यमान आयु है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर नाम कर्म – Svara Naama Karma. Physique making Karmic nature causing voice. जिस कर्म के उदय से मनोज्ञ स्वर की रचना होती है वह सुस्वर नामकर्म है, इससे विपरीत दुःस्वर नामकर्म है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावस्वाध्याय – Bhavasvadhyaya. Rethinking of spiritual contents. स्वाध्याय के द्वारा शुध्द आत्मा को अनुभव में लाना “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यक्त्व : == स्थैर्यं प्रभावना भक्ति: कौशलं जिनशासने। तीर्थसेवा च पंचापि, भूषणानि प्रचक्षते।। —योगशास्त्र : २-१६ धर्म में स्थिरता, धर्म की प्रभावना—व्याख्यानादि द्वारा, जिनशासन की भक्ति, कुशलता—अज्ञानियों को धर्म समझाने में निपुणता, चार तीर्थ की सेवा—ये पांच सम्यक्त्व के भूषण हैं। सम्यक्त्वरहिता ननु, सुष्ठु अपि उग्रं तप: चरन्त:…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंभूरमण – Svayammbhuuramana. Name of the last island & the last ocean of middle universe. मध्य लोक का अंतिम द्वीप एंव अंतिम सागर जिनका जल सामान्य जल जैसा होता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदिशा – Vidisha. Subdirections, quarter parts of the four direc- tions. चारों दिशाओं के अतिरिक्त प्रत्येक दो दिशाओं के मध्य स्थित दिशाएँ – ईशान, आग्रेय, नैऋत्य, वायव्य, ये ४ विदिशाएं कहलाती हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैदिश –Vaidisa. Old name of the present Vidisha (a city) in Madhya Pradesh वर्तमान भेलसा या विदिशा “