शिथिलाचारी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिथिलाचारी – Shithilachaaree. One inactive in observing proper conduct. अपने योग्य आचरण में शिथिल श्रावक या साधु “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिथिलाचारी – Shithilachaaree. One inactive in observing proper conduct. अपने योग्य आचरण में शिथिल श्रावक या साधु “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषध देव – Nishadha Deva. Protecting deity of a summit of Nishadh mountain. निषध पर्वत के निषध कूट का रक्षक देव “
धूलिशाल The first rampart of Samavasharan-the holy assembly of Lord Arihant. समवशरण के बाहरी भाग में रत्नों की धूलि से निर्मित वलयाकार प्रथम कोट। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय स्तवन – Nishchaya Stavana. See – Nishchaya Bhakti. देखें – निश्चय भक्ति “
धारागृह Name of a dominion ‘Sheetgrah’ of Bharat Chakravarti (an emperor). भरत चक्रवर्ती की एक विभूति ‘शीतगृह’(ताप-विनाशी स्नानगृह) का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शासन देव – Shaasana Dieva. Ruling deities of 24 tirthankars. चौबीस तीर्थंकर भगवंतों के चौबीस शासन देव ” तिलोयण्णत्ति के अनुसार ये सभी शासन देव संबंधित तीर्थंकरों के समवसरण में रहते हैं अतः ये सम्यग्दृष्टि होते हैं” आचार्य पूज्यवाद स्वामी ने इनके लिए अर्ध्य बनाए हैं एवं अनेक प्राचीन ग्रंथों में इनके अर्ध्य के…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय भोक्ता भोग्यभाव – Nishchaya Bhoktaa Bhogyabhaava. Absolute consuption of self (self engrossment). शुद्धात्मा ही भोग्य अर्थात अनुभव करने योग्य है तथा शुद्धात्मा ही भोक्ता अर्थात् अनुभव करने वाला है, ऐसा निश्चय कर में स्थिर हो जाना ” यह मुनि अवस्था में ही घटित होता है “
धवल सेठ A wealthy person of Kaushambi city. कौशाम्बी नगर का एक सेठ, श्रीपाल को समुद्र में गिराने वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शांत्यष्टक –Shantyshtka. A spiritual hymn written by Acharya Pujyapad. आचार्य पूज्यपाद (ई.श. 5) द्वारा रचित संस्कृत शांतिभक्ति के प्रारंभिक 8 श्लोक “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयज्ञान – Nishchayagyaana. Absolute or right knowledge of self. सम्यक् व निर्विकल्प अपने स्वरूप को वेदन करना निश्चय ज्ञान है ” यह मुनि अवस्था में ही होता है “