हरिकेतु!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हरिकेतु – Hariketu Father’s name of Chakravarti (emperor) Harishen. 10 वे चक्रवर्ती हरिषेण के पिता, काम्पिल्य नगर का राजा।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हरिकेतु – Hariketu Father’s name of Chakravarti (emperor) Harishen. 10 वे चक्रवर्ती हरिषेण के पिता, काम्पिल्य नगर का राजा।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधर – भूतकालीत 19 वें तीर्थकर, मध्यम ग्रैवेयक का एक इन्द्रक विमान, मानुशोत्तर पर्वत के सौगन्धिक कूट का एक देव, एक राजा जिन्होने आटे के मुर्गे की बलि करके कई भवों तक दुर्गति के दुख उठाये। देखें – यषोधर चरित, आटे का मुर्गा आदि पुस्तकें। Yasodhara-Name of the 19th Tirthankar (Jaina-Lord) in the past…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हतहत समुत्पत्तिक – Hatahata Samutpattika. The karmic places originated after the redestruction of relative destructed karmas. धाते हुए का पुनः धात किये जाने पर जिन सत्कर्म अर्थात् सत्ता मे विधमान कर्म की उत्पत्ति होती है उन्हे हतहत समुत्पत्तिक कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परपीड़ा कथा:Talk,painful to others.पर को पीडा पहुॅचाने वाली कथा ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रि – रात – सूर्यास्त से लेकर सूर्यांेदय तक का समय। Ratri-Night time(hours)
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेदज – Svedaja. Beings born by sweat. पसीने से उत्पन्न होने वाले सम्मूर्छन जीव।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहितास्या नदी – 14 महानदियों में चैथी नदी,, ये हिमवान पर्वत के सरोवर से निकलकर हैमवत क्षेत्र में बहकर पष्चिम समुद्र में गयी है। Rohitasya nadi-Name of the fourth great river among 14
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक क्रिया – Svaabhaavika Kriyaa. Natural activities of matter. स्वतः अनादिसिद्व सत् द्रव्य मे परिणमनशीलता के कारण होने वाले दो क्रियाओ मे एक क्रिया। शुद्व या बंध रहित जीव व पुद्गल द्र्रव्य की किं्रया स्वाभाविक क्रिया है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्कराभ – Bhaskarabha. Name of a king of Rakshas dynasty. राक्षस वंश का एक राजा “