स्वच्छंद श्रोता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वच्छंद श्रोता – Svacchammda Ssrotaa. Unworthy or restraintless listeners.कुपात्र श्रोता। स्वच्छंद श्रोताओ को विधा देना संसार और भय को ही बढ़ाने वाला है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वच्छंद श्रोता – Svacchammda Ssrotaa. Unworthy or restraintless listeners.कुपात्र श्रोता। स्वच्छंद श्रोताओ को विधा देना संसार और भय को ही बढ़ाने वाला है।
दश धर्म Ten right virtues of Jain religion (forgiveness etc.). उत्तम क्षमा आदि दश लक्षण धर्म ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेहेसरचरीउ–Mehesrachriu. Name of a book. सुलोचनाचारित्र विषयक अपभ्रंश भाषा का एक ग्रंथ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादसिद्वि – Syaadvaadasiddhi. Name of a treatise written by Acharya Vadibhisingh. आचार्य वादीभसिह (ई0 1103) द्वारा रचित संस्कृत भाषाबद्व न्याय विषयक ग्रन्थ।
दश करण Ten operational Karmic activities. कर्म की 10 अवस्थाएं, बन्ध , उत्कर्षण , संक्रमण, अपकर्षण, उदीरणा, सत्व, उदय, उपशम, निधत्ति और निःकाचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जन्मरहितता Immortality, a virtue of Siddhas (super beings). सिद्धों का एक गुण जो आयुकर्म नष्ट होने पर प्रगट होता है -अवगाहनत्व या जन्म-,अरण रहितता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादमूर्त – Syaadamuurta. Non-physical nature (in some aspect).परमभाव ग्राहक द्रव्यार्थिक नय की अपेक्षा पुद्गल के अतिरिक्त जीव, धर्म, अधर्म, आकाश और काल द्रव्य कथंचित् अमूर्तस्वभाव वाले है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालुकाप्रभा – Balukaprabha. Name of the 3rd hellish land. तृतीय नरम भूमि, अपरनाम मेघा है यह २८००० योजन मोटी है “
जन्माभिषेक Auspicious bathing (anointment) of Jaina Lord. सौधर्म-ईशान इन्द्रों द्वारा पांडुकशिला पर बाल तीर्थंकर की अभिषेक क्रिया ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यंदन – Syammdana. Splendourous chariots of Cghakravarties (emperors).रथ-चक्रवर्ती बलदेवो के चढ़ने योग्य जो होते है एवं सर्व आयुधों से परिपूर्ण पवन के समान वेग वाले, धुर के टूट जाने पर भी जिनके चक्करो की रचना इस प्रकार की होती है कि गमनागमन मे बाधा नही पड़ती वे स्यंदन कहलाती है।