स्ववष!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्ववष – Svavasa Own control or self controlled. आत्मवष, जो परभाव को त्यागकर निर्मल स्वभाव वाले आत्मा को ध्याता है वह स्ववष है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्ववष – Svavasa Own control or self controlled. आत्मवष, जो परभाव को त्यागकर निर्मल स्वभाव वाले आत्मा को ध्याता है वह स्ववष है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर अहिंसा:To Protect others i.e. to follow non-violence. दूसरो की रक्षा आदि करना ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीमांसा दर्शन–Meemansa Darshan. Philosophical system of Investigation. षट्दर्शन में एक दर्शन”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमपाल चांडाल–Yampal Chaandal. Name of a particular brute (Chandal), great person worshipped by deities for observing vow of non–violence on Chaturdarshi. जिसने चतुर्दशी को हिंसा न करने की प्रतिज्ञा ली थी, हिंसा न करने से देवताओ से पूजित हुआ”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्ग – Svarga. The heaven, aboding place of deities. इसका अपरनाम कल्प है ये ऊध्र्वलोक मे स्थित है। स्वर्ग के दो, विभाग है-कल्प व कल्पातीत। यहाॅ वैमानिक देव रहते है अथवा कल्पोपपन्न व कल्पातीत देवो के रहने के स्थान।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोद क्रिया–Mod Kriya. An auspicious activity related to the birth of child. गर्भधान के नवमें महीने में गर्भ की पुष्टि के लिए पुनः पूर्वोक्त विधान करके, स्त्री को गात्रिका–बन्ध, मन्त्रपूर्वक बीजाक्षर लेखन व मंगलाभूषण पहनाना”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वरक्षा – Svaraksaa. To have right or pure conduct, self defence. शुद्व भाव रखना ही स्वरक्षा अर्थात् आत्मरक्षा है, अहिंसा का सिद्वान्त स्वात्म रक्षा के लिये ही है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मावती :Name of the governing female demigod of Lord Parshvanath, She is worshipped by most of the devotees for fulfilling their wishes. भगवान पाश्र्रनाथ की शासन यक्षिणी दिगम्बर जैन समाज में प्राचीन काल से सांसारिक अभ्युदयों की प्राप्ति हेतु इनकी पूजा-अर्चना की परम्परा प्रचलित हैं, इसीलिए प्रायः सभी जिनमंदिरों में इनकी मूर्तियाॅं विराजमान की…