राजसेना!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजसेना – राजा की सेना इसकी 18 श्रेणिया होती है। Rajasena- The army of a king
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजसेना – राजा की सेना इसकी 18 श्रेणिया होती है। Rajasena- The army of a king
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेप्यकर्म – lepyakarm.: Preparing statues by soil , sand , grass etc. त्रण , बालू , मिट्टी आदि से प्रतिमायें निर्मित करना लेप्यकर्म कहा जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजसूय – चक्रवर्ती सागर के समय मे प्रचलित राजाओं के द्धारा किया जाने वाला एक अनार्थ यज्ञ। महाकाल असुर के द्वारा हिंसा की प्रेरणा देने के लिए ये चलाया गया था। Rajasuya-Name of a violenceful yagya (sacrificial fire) prevalent at the time of Chakravarti sagar
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पानदशमी व्रत- Panadasami Vrata. Taking food after offering food to other 10 persons. एक व्रत ; दस श्रावकों को भोजन करा कर फिर स्वयं भोजन करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध्यप्र्याप्तक – अपर्याप्तक नाम कर्म के उदय से जो जीव अपने योग्य पर्याप्तियों को पूर्ण किए बिना ही ष्वास के 18 वें भाग में मरण को प्राप्त हो जाता है अर्थात जिसके एक भी पर्याप्ति पूर्ण नही होती उसे लब्ध्यप्र्याप्तक कहते हैैं। Labdhyaparyaptaka-Absolutely, non development beings (Having very short life)
उद्धारदेव Name of the 10th Tirthankar (Jaina-Lord) of past time. भूतकालीन चैबीसी के आठवें तीर्थंकर (उद्धारनाथ)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्र केसरी:Name of an acharya who wrote patrakesari stotra etc, a reverential titile of acharya vidyanandi (775-840 A.D.) एक आचार्य (ई0 6-7) जिन्होने पात्रकेसरी स्तोत्र जिनेन्द्रगुण स्तुति आदि ग्रंथो की रचना की। वार्तिककार आचार्य विद्यानंदि (ई0 775-840) की उपाधि।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस़ऋद्धि – एक ऋद्धि, यह उग्र तपस्या से प्राप्त होती है। Rasa Rddhi- A type of super natural power
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकशिला:A very auspicious large stone shila in the panduk forest of sumeru mountain pertaining to the lustral bath of Jaina Lord of bharat kshetra (region).सुमेरुपर्वत के पांडुक वन मे स्थित 4 शिलाओ मे एक सुवर्णमयी शिला, इस पर जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र के तीर्थकरो का जन्मभिषेक किया जाता है।