सर्वोपशमन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वोपशमन – Sarvopashamana. Subsidence of all 28 Karmic Nature of delusion. मोहनीय कर्म की 28 प्रकृतियों का उदयाभाव करना । यह धर्मध्यान का फल है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वोपशमन – Sarvopashamana. Subsidence of all 28 Karmic Nature of delusion. मोहनीय कर्म की 28 प्रकृतियों का उदयाभाव करना । यह धर्मध्यान का फल है।
जम्बूवृक्षस्थल Region of Jambuvriksha (a super tree). जम्बूवृक्ष सामान्य स्थल ; ५०० योज.अन विस्तार युक्त है , मध्य में ८ योजन एवं किनारों पर २ कोस मोटा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानंत – Sarvaananta. All infinite. अनंत का एक भेद । आकष को धन रूप से देखने पर उसका अंत नहीं पाया जाता इसलिये उसे सर्वानंत कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसंघ – Sarvasangha. Name of the 58th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 58 वें गणधर ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वमत – Sarvamata. Something universally accepted. जो सर्वरूप मान्य हो ।
चैत्य भूमि The land for temple (related to eternal Jain idols). भवनवासी आदि सभी देवों के जिनमंदिरों में चैत्यभूमि होती है जो अकृत्रिम जिनप्रतिमा से युक्त होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वचंद्र – Sarvachandra. Name of a saint of Nandi group, the disciple of Vasumandi. न्ंदिसंघ के देषीयगण की गुर्वावली के अनुसार वसनंदि के षिष्य तथा दामनंदि के गुरू । समय-ई0 918-948 ।
चूलितांग A time unit. काल का एक प्रमाण , ८४ लाख प्रयुत प्रमाण काल ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्प – Sarpa. A snake a serpent, a significant symbol of lord Parshvanath, The presiding deity of a lunar Ashlesha. भगवान पाश्र्वनाथ का चिन्ह, सातवें नक्षत्र आश्लेषा का अधिपति देवता।