बंधस्पर्श!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधस्पर्श – निक्षेप रुप स्पर्श का एक भेद; औदारिक, वैक्रियक, आहरक, तैजस और कार्मण शरीर बंध स्पर्श है। Bandhasparsa- Body formation caused due to karmic Binding
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधस्पर्श – निक्षेप रुप स्पर्श का एक भेद; औदारिक, वैक्रियक, आहरक, तैजस और कार्मण शरीर बंध स्पर्श है। Bandhasparsa- Body formation caused due to karmic Binding
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स – Sa. The 32nd consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का बत्तीसवाँ व्यंजन अक्षर, इसका उच्चारण स्थान दन्त है “
चतुर्थीविद्या The 4th ethical propounded knowledge (Dandniti). आन्वीक्षिका , त्रयी , वार्ता , दण्डनीति इन ४ विद्यालयों में चौथी दंडनीति विद्या ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्विध आहार – Sadvidha Aahaara. Six kinds of intakes. कर्माहार, नोकर्माहार, कवलाहार, लेप्याहार, ओजाहार, मानसाहार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रास्थाल- भरत क्षेत्र उत्तर आर्यखण्ड का एक देष। Prasthala- name of the initiation tree of lord Sumathinath & lord padmaprabha
देवपूजा Worshipping of Lord Arihant. श्रावक के षट्आवश्यक कत्र्तव्यों में प्रथम कत्र्तव्य अष्ट द्रव्यों से अरहंत, सिद्ध भगवन्तों की पूजा करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्त्रिंशत – Sattrinshata. Thirty Six (basic restraints of Acharya etc.) 36 (आचार्य के 36 गुण; 12 तप, 10 धर्म, 6 आवश्यक, 5 आचार, 3 गुप्ति) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षंड वन – Shanda Vana. The initiation forest of Lord Mahavira. तीर्थंकर महावीर का दीक्षा वन ” इसके अन्य नाम ज्ञातृ वन व मनोहर वन भी मिलते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्लेष्मा – Shlesmaa. Phlegm, Mucus. कफ ” औदारिक शरीर में 6 अंगुलिप्रमाण श्लेष्मा होता है “