द्रव्यवाद!
द्रव्यवाद A doctrine of Sankhya philosophy. एक सांख्यदर्शन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्यवाद A doctrine of Sankhya philosophy. एक सांख्यदर्शन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वध परिषहजय –Vadha Parishahajaya: To forbear the violent behaviour of other with equanimity (an affiction). अश्त्र – शस्त्र आदि के द्वारा घात किये जाने पर मारने वाले के प्रति साधु द्वारा आक्रोश न कर समता भाव से सहन करते रहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नो इंद्रिय प्रणिधान – No Indriya Pranidhaan. Passionate volitions. क्रोध, मान, माया, लोभ, हास्य, रति, अरति, शोक, भय, जुगुप्सा, तथा तीनों वेड, एन के परिणाम “
द्रव्य पूजा Physical worship (with 8 reverential materials). पंच परमेष्ठी के सम्मुख भक्ति भाव से जल, चंदन, अक्षत, पुष्य , नैवेद्य, दीप, , धूप व फल रूप श्रेष्ठ अष्ट द्रव्य समर्पित करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेस्यागमन –Vesyagamana. .frequenting prostitutes, adulterous conduct. सप्तव्यसनों में एक व्यसन, व्यभिचारिणी स्त्रियों के यहाँ आना – जाना, उनसे बातचीत, लेन – देन आदि करना ” सद्ग्रह्स्त के लिय यह सर्वथा त्याज्न्य हैं “
द्रव्य नय Physical standpoint. जो दृष्टि या अपेक्षा ‘द्रव्य सामान्य’ को ग्रहण करे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रमध्य व्रत – Vajramadhya Vrata A specified & procedural fasting. एक व्रत ;इसमें कुल 29 उपवास और 9 पारणाएं की जाती है ” विशेष विधि व्रत विधान संग्रह में देखें “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिसागर (मुनि) – Nemisaagara (Muni). Name of a Digamber Jain Saint, the disciple of Charitra Chakravarti Acharya Shri sahntisagar ji Maharaj. चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के प्रमुख 7 मुनि शिष्यों में से एक” इनकी प्रेरणा से गुरुदेव श्री शांतिसागर जी महाराज की स्मृति में मुंबई (महा.) की बोरिवली में पोदनपुर नाम…
द्रव्य आरोप To characterise a matter into anothers. एक द्रव्य में दूसरे को आरोपित या उपलक्षित करना, जैसे दर्पण में प्रतिबिम्ब को देखकर ‘यह दर्पण की पर्याय है’ ऐसा कहना ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]