वशित्व ॠद्धि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वशित्व ॠद्धि – Vashitva Riddhi.: A kind of superpower ( pertaining to the transformation of body form of beings). जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु जीवसमूह को वश में करके उनका मनचाहा आकार आदि बनाने में सक्षम होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वशित्व ॠद्धि – Vashitva Riddhi.: A kind of superpower ( pertaining to the transformation of body form of beings). जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु जीवसमूह को वश में करके उनका मनचाहा आकार आदि बनाने में सक्षम होते हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छा–Muurchchha. Unconsciousness, Delusion, Attachment, Worldly, Worldly involvement. बेहोशी, मोह, जैनागमानुसार ‘मूर्च्छा’ परिग्रह या ममत्व भाव है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्ष – Varsha.: A period of 12 months, Area. 12 मास अर्थात् दो अयन प्रमाण काल (अपरनाम संवत्सर ), वर्ष का अर्थ ‘क्षेत्र’ भी होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतवर – Bhutavara. Name of an island and an ocean of middle uni-verse. मध्यलोक के एक सागर व द्वीप का नाम “
द्वितीयोपशम सम्यत्तव Second subsidential right belief. उपशम श्रेणी चढ़ने वाले साधु को क्षयोपशम सम्यग्दर्शन से पुनः जो उपशम सम्यक्त्व होता है उसे द्वितीयोपशम सम्यग्दर्शन कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्णमातृका – Varnamaatrakaa.: A type of meditation related to the installation of syllables in the body. पदस्थ ध्यान ; एक प्रक्रिया जिसमें शरीर में यथायोग्य स्थानों पर स्वर- व्यंजन अक्षरों को स्थापित करके ध्यान किया जाता है “
द्विचरमकाल The time less than one Samay than the ultimate time. अंतिम समय से एक समय पूर्व का काल द्विचरमकाल कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशस्वती–Yashsvati. Mother’s name of the 1st Chakravarti ‘Bharat’ (an emperor). प्रथम चक्रवर्ती ‘भरत’ कीमाता का नाम”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंगुश्रीश्राविका – Pangushreeshraavikaa. Name of an female votary in the period of Kalki king. पंचम काल के अंत में कल्कीके समय चतुर्विध संघ में रहने वाली एक श्राविका का नाम “
द्वयर्धगुणहानि A type of decreasing series. गुणहानि आयाम को ड्योढ़ा (द्वयर्ध) करने पर जो प्रमाण प्राप्त हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]