दिव्य मनुष्य!
दिव्य मनुष्य Some Jaina great personalities. देवपूजित शलाका पुरूष, कामदेव और विद्याधर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिव्य मनुष्य Some Jaina great personalities. देवपूजित शलाका पुरूष, कामदेव और विद्याधर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति मार्ग – Nirvrtti Marga. Path of salvation. त्याग मार्ग,मुनि व त्यागी होने की तरफ चलना (महाव्रतों को धारण करना) “
इंद्रप्रस्थ Name of a city (present Delhi). प्रवास से लौटने पर युधिष्ठिर द्वारा बनाये गये नगर का नाम, यह कुरूक्षेत्र के पास है इसलिये वर्तमान देहली की इन्द्रप्रस्थ है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मानी : == योऽपमानकरणं दोषं, परिहरति नित्यमायुक्त:। सो नाम भवति मानी, न गुणत्यक्तेन मानेन।। —समणसुत्त : ८९ जो दूसरे को अपमानित करने के दोष का सदा सावधानीपूर्वक परिहार करता है, वही यथार्थ में मानी है। गुणशल्य अभिमान करने से कोई मानी नहीं होता।
दशस्थिति कल्प Characteristics of 10 basic restraints of saints. व्यवहार चारित्रधारी साधु के 10 स्थितिकल्प अचेलकत्व, उद्दिष्ट भोजन त्याग, वसतिका बनवाने का त्याग, राजपिंड का त्याग, कृतिकर्म, पत्र को ही व्रत देना, विनय, प्रतिक्रमण, मासैकवासता, चातुर्मास करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्ताशक्ति मौद्रा–Muktashakti Vrat. A posture with joined hands placed together and raised to pay reverence. वन्दनामुद्रावत ही खड़े होकर, दोनों कुहनियो को पेट के ऊपर रखकर, दोनों हाथो की उंगलियो को आकार विशेष द्वारा आपस में संलगन करके मुकुलित बनाना”
दश धर्मध्यान Ten types of religious observances. अपाय विचय, उपाय विचय, विपाकविचय, विराग विचय, लोक विचय, भवविचय, जीव विचय, आज्ञा विचय , संस्थान विचय और संसार विचय ये 10 धर्मध्यान है (प्रतिक्रमण ग्रन्थत्रयी से)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणसंपत्ति यंत्र – Nirvaanasampatti Yantra. A metallic plate engraved with auspicious mystic words. मंत्र लिखित धातु की एक प्लेट “