वापी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वापी – Vaapii.: Something like a large lake with down steps towards water. बावड़ी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वापी – Vaapii.: Something like a large lake with down steps towards water. बावड़ी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुंवेद – Pumveda. Masculine gender (Male body), Influx of which causes noble conduct is called Pumved. It is an ideal condition. पुरुषवेद, जिसके आस्त्रव से मन्दक्रोध, कुटिलता न होना, अभिमान न होना, निर्लोभ भाव, अल्पराग, स्वदार सन्तोष, ईर्ष्या- रहित भाव (अर्थात् पुरुष संबंधी भाव) आदि होते हैं. यह पुंवेद का उत्कृष्ट लक्षण है “
गुरु स्पर्श आचार्य आदि वीतरागी गुरुओं के भक्ति से चरण छूना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वादित्व ऋद्धि – Vaaditva Riddhi.: A supernatural power of argumentation possessed by saints. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु ,इंद्र के सामान ज्ञानवां एवं वाद –विवाद करने में निपुण वादी को भी युक्तियुक्त समाधान के द्वारा निरुत्तर करने में समर्थ होते हैं “
एकनासा Name of a female divinity of Ruchakvar mountain. रूचकवर पर्वत की दिक्कुमारी/ निवासिनी देवी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुण Virtues, Attributes, Merits. पूरे द्रव्य में जो व्यापक हो व द्रव्य के साथ सर्व पर्यायों में पाया जावे.द्रव्य के साथ सहभावी हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरहकाल – Virahakala. Period of separation, desertion period (pertain-ing to the gap between two similar particular stages or forms). अंतर काल अर्थात् जितने काल तक अवस्था विशेष से जुदा होकर पुन: उसकी प्राप्ति नहीं होती उस काल को विरह या अंतर काल कहते हैं “
एकनय Common standpoint in complimentary matters. नाम की अपेक्षा पृथ्क्-पृथक् हुए भी द्रव्य गुण पयाय तीनों सामान्य रूप से एक सत् है, इसलिये किसी एक के कहने पर शेष अनुक्त का ग्रहण हो जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गति द्विक Dyad of Karmic nature related to Gati. गति, गत्यानुपूर्वी(जैसे-तिर्यंच गति , तिर्यंच गत्यानुपूर्वी आदि)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाटग्राम – Vaatagraama.: Past name of Baroda. डॅा. आल्टे के अनुसार वर्तमान बड़ौदा, क्योंकि बड़ौदा का प्राचीन नाम क्टफ्द है और वह गुजरात में है “