भिण्डिमाला!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिण्डिमाला – Bhindimala. Name of a weapon of the era of Ram. राम के समय का एक शस्त्र “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिण्डिमाला – Bhindimala. Name of a weapon of the era of Ram. राम के समय का एक शस्त्र “
छिद्र(घटाछिद्र) Hole, opening, A type of listener, totally unable to understand any preaching. छेद, श्रोता का एक भेद- जिसके हृदय में कुछ भी उपदेश नहीं ठहरे ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानशन – Sarvaanashana. A type of great austerity pertaining to renunciation of food upto holy death. अनषन तप के दो भेदों में एक भेद, मरण समय में अर्थात् सन्यास काल में मुनि सर्वानषन तप करते है। भक्तप्रत्याख्यान, इंगिनीमरण, प्रायोपगमनमरण अथवा अन्य भी अनेकों प्रकार के मरणों में जो मरण प्र्यत आहार का त्याग करना…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विश्वनंदि – Vishvnamdi. Name of a Bhattarak of Nadi group, Past-birth name of the 2nd Narayan, Triprishtha who be-came Lord Mahavira after some next births. नंदिसंघ बलात्कारगण उज्जयिनी गद्दी के एक भट्टारक ” अपरनाम विष्णुनंदि ” समय – वि.सं. – ७०४ ” नारायण त्रिपृष्ट के दूसरे पूर्व भव का नाम ” यही…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतेश – Bhutesha. Name of an Indra (celestial being). भवनवासी देवों के २० इन्द्रों में तीसरा इंद्र “
तंत्रवार्तिक टीका Name of a book written by Someshvar Bhatta. मीमांसा दर्शन की कुमारिल भटट द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौन–Maun. To keep silent or mum, externally or internally. मूकभाव अर्थात् बाहा की वचन प्रवृत्ति को भी पूर्ण रूप से छोड़ देना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शारीर –VaikriyikaSarira Transformable body (of deities, hellish beings & great saints). औदारिक आदि ५ शरीरो में दूसरा शरीर, विर्किया ही जिस शरीर का प्रयोजन है वह वैक्रियिक शरीर कहलाता है वैक्रियिक शरीर उपपाद जन्म से देव, नारकियों को व ॠध्दि से महानुनियो को प्राप्त होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वयज्ञ – Sarvayagya. Name of the 29th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 25 वें गणधर ।
च्युति A falling, Perishing, Transmigration of deities. विमानवासी देवों की गति उत्तम है , इसलिए उनके मरण के किए च्युत शब्द का प्रयोग किया है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]