प्रभंजन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभंजन- मानुशोत्तर पर्वत का एक कूट व उसका स्वामी एवं भवनवासी वायुकुमार देवों का इन्द्र। prabhamjana – name of a summit of manushottar mountain and its ruling deity.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभंजन- मानुशोत्तर पर्वत का एक कूट व उसका स्वामी एवं भवनवासी वायुकुमार देवों का इन्द्र। prabhamjana – name of a summit of manushottar mountain and its ruling deity.
द्वारावती Another name of Dvaraka city. श्री कृष्ण की महानगरी; इसकी रचना देवों ने की थी और द्वीपायन मुनि के क्रोध से यह भस्म हुई थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशत्व- द्रव्य का एक सामान्य गुण; जिस शक्ति से द्रव्य का कोई न कोई आकार बना रहता है। pradesatva – characteristics of occupancy in any matter
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रलय- विनाष, सृश्टि विनाष। अवसर्पिणी काल में छठें-दुखमा काल के उनचास दिन कम इक्कीस हजार वर्शो के बीत जाने पर जंतुओं को भयदायक घोर प्रलयकाल प्रवृत्ती होता है। Pralaya- Dissolution of the world, disaster, catastrophe
उत्पाद अनुच्छेद Something emphasizing the destructibility of a substance in the state of its existence. द्रव्यार्थिक नय के आधार से जो सद्भाव की अवस्था में ही विनाश कमो स्वीकार करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूडबिद्री–Muudbidri. Name of a great Jain pilgrimage situated in Karnataka state. दक्षिण के कर्नाटक देश मेंस्थित एक तीर्थ, यहा रत्नबिम्ब व धवलादि ग्रंथ कनडी लिपि मै है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमार्जित- पिच्छी आदि कोमल उपकरण से साफ की हुई भूमि आदि। Pramarjita- Carefully purified place, body etc
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक भंग- जहां अलग-अलग भाव हो वह प्रत्येक भंग है। pratyeka bhamga – each part, different feelings.