नादग्रह!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नादग्रह – Nadagraha A part of the palace of deities भवनवासी देवों के भवनों में एक कक्ष ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नादग्रह – Nadagraha A part of the palace of deities भवनवासी देवों के भवनों में एक कक्ष ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == शिथिलाचारी : == सन्त्येकेभ्यो भिक्षुभ्य:, अगारस्था: संयमोत्तरा:। अगारस्थेभ्य सर्वेभ्य:, साधव: संयमोत्तरा:।। —समणसुत्त : २९८ यद्यपि शुद्धचारी साधुजन सभी गृहस्थों से संयम में श्रेष्ठ होते हैं तथापि कुछ (शिथिलाचारी) भिक्षुओं की अपेक्षा गृहस्थ संयम में श्रेष्ठ होते हैं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लुंका-Lunkaa.: One who started lunkaa philosophy. गुजरात(अणहिल नगर) में कुलुम्बी वंशीय एक महामानी लुंका जिसने लुंकामत (ढूंढिया मत) चलाया “अपरनाम स्थानकवासी एक श्वेताम्बर मत ” समय – वि.सं. 1527 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापभीरुता – Papabhiruta. Fearfulness from sins. पाप से भयभीतपना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथत्त्क्व व्यवहार – Prthaktva Vyavahara. Nature of unity in diversity. व्यवहार का एक भेद; जहाँ पर भिन्न द्रव्यों में एकता का संबंध दिखाया जाता है उसे पृथत्त्क्व व्यवहार कहते हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सेना : == कार्यकृद् गृह्यको जन:। —त्रिषष्टिशलाका : १-१-९०८ जो कार्य (सेवा) करता है, लोग उसे पूजते ही हैं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पादानुसारी ऋद्वि : A type of supermatural power causing knowledge of whole scriptures by studying only fraction of it.समस्त श्रुत के अक्षर पदो को जानने वाली बुद्वि रुप ऋद्वि है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बालाग्र – Balagra. A area unit. क्षेत्र का प्रमाण विशेष ” अपरनाम केशाग्र “
त्रिप्रदक्षिणा Circumabulation, To revolve three times around a saint or temple. तीन परिक्रमा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणार्थिक नय Standpoint of accepting attributes of matter. द्रव्य सामान्य को ग्रहण कर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]ने वाला नय