स्वासोच्छ्वास!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वासोच्छ्वास – Shvaasocchvaasa. Breathing (exhaling & inhaling air). प्राणापान ” जो पवन भीतर से बाहर आती है वह उच्छ्वास या प्राण है व जो बाहर की वायु भीतर ली जाये वह श्वास या अपान है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वासोच्छ्वास – Shvaasocchvaasa. Breathing (exhaling & inhaling air). प्राणापान ” जो पवन भीतर से बाहर आती है वह उच्छ्वास या प्राण है व जो बाहर की वायु भीतर ली जाये वह श्वास या अपान है “
उत्सर्पिणी A large period of time, progressive half cycle, ascending cycle of time. जिस काल में जीवों की आयु बल ऊँचाई आदि का उत्तरोत्तर विकास होता है।इसके 6 भेद हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दीक्षाचार्य Initiation – preceptor, Initiator. दीक्षा देने वाले आचार्य । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेणी – Shrenee. Series, Class, Division. पंक्ति, क्रम, इस शब्द का प्रयोग अनेक प्रकरणों में आता है, जैसे आकाश प्रदेशो की श्रेणी, राजसेना की 18 श्रेणियाँ, स्वर्गो के श्रेणीबद्ध विमान, शुक्लध्यानगत साधू की उपशम व क्षपक श्रेणी आदि “
दृष्टिवाद A type of scriptural knowledge (Shrutgyan). अंगप्रविष्ट श्रुतज्ञान का बारहवाँ भेद, जिसके ५ भेद हैं-परिकर्म, सूत्र, प्रथमानुयोग, पूर्वगत, चूलिका ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतधर आम्नाय – Shrutadhara Aamnaaya. The tradition of great saints possesing scriptural knowledge (shrutgyan). श्रुत को धारण करने वाले आचार्यो की परम्परा, मूलसंघ की पट्टावली में अंतिम श्रुतकेवली भद्रबाहु हैं “
दृढ़राज्य Father’s name of Lord Sambhavnath. संभवनाथ तीर्थंकर के पिता का नाम (दृढ़राज)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आभिनिवेशक मिथ्यादर्शन Intuitional perversity (wrong faith). अगृहीत मिथ्यात्व परोपदेश बिना शुद्ध जीवादि पदार्थों के विषय में विपरीत श्रद्धान होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुस्वर नामकर्म Karmic nature causing bad voice. नामकर्म की एक प्रकृति जिसके उदय से स्वर खराब हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]