बारह!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बारह- 12; 12 अंग रुप श्रुतज्ञान, 12 अनुप्रेक्षा आदि। Baraha- Twelve (12 part of scriptural knowledge etc)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बारह- 12; 12 अंग रुप श्रुतज्ञान, 12 अनुप्रेक्षा आदि। Baraha- Twelve (12 part of scriptural knowledge etc)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भानुनंदी – Bhanunamdi. Name of the disciple of Nemichandra-1 & preceptor of Sinhnandi-1. नेमिचन्द नं. १ के शिष्य और सिंहनन्दी नं. १ के गुरु (ई. ५६५-५८६) का नाम “
हुण्डावसर्पिणी काल- असंख्यात अवसर्विणी- उत्सर्पिणी काल की शलाकाओं के बीत जाने पर प्रसिद्ध एक हुण्डावसर्पिणी आती है उसके चिन्ह है- विकलेन्द्रिय जीवो की उत्पत्ति अधिक होती है। इस काल में कल्प वृक्षों का अन्त और कर्मभूमि का व्यापार प्रारम्भ हो जाता है चक्रवर्ती की विनयभंग 58 ही श्लाका पुरुष उत्पन्न होते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्य लेश्या Physical aura, physical colouration. वर्ण नामकर्म के उदय से उत्पन्न हुआ जो शरीर का वर्ण है। उसको द्रव्य लेश्या कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य पुण्य The Karmic matter facilitating the pleasures & merits. भाव पुण्य के निमित्त से उत्पन्न होने वाले साता वेदनीय आदि शुभ प्रकृति रूप पुद्गल परमाणुओं का पिण्ड।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर सांपराय – स्थूल कषायो को बादर साम्पराय कहते है ” अनावृतिकरण गुणस्थान का अपरनाम ” Badara Sampraya- Gross passions
द्रव्य नपुंसक Hermaphrodite. स्त्री व पुरूष दोनों प्रकार के लिंगों से रहित ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य अवसन्न To become immoral (reg. a saint). किसी पथिक या साधु का मार्ग भ्रष्ट हो जाना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रहारसंक्रामिणी विधा- एक मन्त्र विधा। धरणेन्द्र द्वारा नमि और विनमि को प्रदतत लोकहितकारिणी एक विधा। Praharasamkramini Vidya- A type of magical power of mystic word
द्युति Light, radiance, splendour. कति,शरीर, वस्त्र और आभूषण आदि की कांति।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]