आरम्भकथा!
आरम्भकथा Talks about worldly activities. विकथा के 25 भेदों में एक असि. मषि आदि कार्य संबंधी कथा करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरम्भकथा Talks about worldly activities. विकथा के 25 भेदों में एक असि. मषि आदि कार्य संबंधी कथा करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपसंयत Controlled behaviour . गुरुकुल में मैं आपका हूँ ऐसा कहकर उच्चारण करना (समर्पण भाव से साधु के समान संयत होकर रहना)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विध्यात संक्रमण – Vidhyata Sankramana. A type of transition (reg. soul with low purity). संक्रमण के ५ भेदों में एक भेद; मंद विशुध्दता वाले जीव की स्थिति – अनुभाग को घटाने रूप भूतकालीन स्थितिकाण्डक – अनुभागकाण्डक तथा गुणश्रेणी आदि परिणामों में प्रव्रत्ति होना “
फल Fruits, Results of Karmas. खाने योग्य फल, कर्म आदि के परिणाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागहार – Bhagahara. Divisor (the number by which another is divided ). जिस संख्या का भाग दिया जाये वह संख्या भागहार, हार, भाजक इत्यादि कहलाती है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यत्याचार–Yatyachar. Name of a book written by Acharya Padmanandi – 7, Well conduct of saints, Great treatises containing description of saints’ conduct. आचार्य पद्मनंदी -7(ई. 1305) की एक रचना,साधुओ के आचार-विचार को यत्याचार कहते है” जिन ग्रंथों में यतियों के आचार आदि का वर्णन हो वे भी यत्याचार कहलाते है” जैसे- मूलाचार, भगवती…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मोह – Nirmoha. Attachmentless, a characteristic of a saint. साधु का एक लक्षण; मोह से रहित होना “
आहारक लव्धि Extra – ordinary power of translocation (related to soul). एक ऋद्धि प्रमत्त गुणस्थानवर्ती मुनि को आहारक शरीर बनाने की शक्ति का प्रकट होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मंत्र – Nirmantra. Destruction of Mantra-power, Name of the 56th planet. किसी की मंत्र शक्ति को निर्मूल कर देना, 88 ग्रहों में 56 वें ग्रह का नाम “