तद्भाव!
तद्भाव Intrinsic nature. गुण का गुण में अथवा पर्याय में सद्भाव या तद्रूपता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तद्भाव Intrinsic nature. गुण का गुण में अथवा पर्याय में सद्भाव या तद्रूपता ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गारुड तत्त्व Soul as an ultimate being. आत्मा ; विद्वानों ने इसे शिव, गरूड़ व् अ काम कहा है क्योंकि यह आत्मा ही गुणरूपी रत्नों का समूह है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगवती:Name of female deities of summit of Gandhamadan & Gajdant mountains. गंदमादन पर्वत के लोहिताक्ष कूट की स्वामिनी दिक्कुमारी देवी, माल्यवान्गजदंत स्थित सागर कूट की स्वामिनी देवी “
तदुभयाधिकरण A type of substratum (underlying basis). अधिकरण का एक भेद जो विष, लवण, क्षार, टिुक, अग्नि आदि दस प्रकार का होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घटमान योगी A meditator (the one expert in meditation and Yoga). जिसको योग का ध्यान का अच्छा अभ्यास हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वप्रकाशिका A book written by Acharya Yogendudeva. आय योगन्दुदेव (ईत्रशत्र 6) द्वारा रचित तत्वार्थ सूत्र की प्राकृत भाषाबद्ध एक टीका। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
गांधार A vowel, Present Afaganistan, west side of Jahalum of Punjab, A country of Bharat kshetra in Arya khand ( a region). एक स्वर, वर्तमान कंधार या अफगानिस्तान देश देश, पंजाब के जलहुम से पश्चिम का भाग, भरत क्षेत्र आर्य खण्ड का एक देश ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थरत्नप्रभाकर A book written by Acharya Prabhachandra. आचार्य प्रभाचन्द्र 8 (ई.सन् 1432) द्वारा रचित एक गंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणहानि स्पर्द्धक Geometric regression super variform (aggregate of karmic molecules). एक गुणहानि के स्पर्द्धकों या कर्म द्रव्य की वर्गणाओं का समूह।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व स्पर्धक – Poorva Spardhaka. Group of veriform with variated fruitional intencity of Karmic nature in wordly state. संसार अवस्था में देशघाति व सर्वघाति प्रकृतियों का जघन्य से उत्कृष्ट पर्यत्न अनुभाग रहता है, उससे युक्त स्पर्द्धक पूर्वस्पर्धक कहलाते हैं “