रूप्यमाशफल!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप्यमाशफल – तौल का प्रमाण विषंेश। Rupyamasaphala-A weighing unit
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप्यमाशफल – तौल का प्रमाण विषंेश। Rupyamasaphala-A weighing unit
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुधा – Vasudhaa.: The earth. पृथिवी “वसु अर्थात द्रव्यों को धारण करने वाली पृथिवी वसुधा कहलाती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप्यकूला – जम्बूद्वीप व हैरण्यवत क्षेत्र में प्रवाहित एक महानदी। यह रूक्मि पर्वत के महापुएिडरिक दह से निकलती है। Rupyakula-Name of a great river which flows in Hairanyavat region of jambudvip (island)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्लाभिका – Vallabhikaa.: Beloved female divinities of Indras causing love. इन्द्रों को प्रीति उत्पन्न करने वाली ,अपनी विक्रिया ,प्रभाव ,रूप , स्पर्श से उन्हें रमाने वाली देवियां “
उपायविचय Doing meritorious works . धर्मध्यान का एक भेद-कुमार्ग में पडे़ हुए जीवों के बारे में विचार करना कि ये मिथ्यात्व से कैसे छूटे। अपरनाम अपायविचय।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोचक शैल – भद्रषाल वन में स्थित एक दिग्गजेन्द्र पर्वत। Rocaka saila-name of a mountain in Bhadrashal forest
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्द्धमान यन्त्र – Varddhmaana Yantra.: A matallic plate engraved with some auspicious mystic words (Mantras). विभिन्न रेखाकृतियों में विशिष्ट अक्षर – मन्त्रों द्वारा चित्रित किया गया एक यंत्र “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूलाचार–Mulaachar. Name of a treatise written by Acharya Kund Kund containing the code of conduct of Digambar Jain saints. आचार्य श्रीकुंद–कुंद (अपरनाम) द्वारा प्राकृत गथाओ में निबिद्ध दिगंबर जैन साधु–साध्वियो की आचार–संहिता का वर्णन करने वाला ग्रंथ”श्री वसुनंदी आचार्य (ई.श. 11–12) द्वारा इसकी संस्कृत टीका लिखी गयी है” गनिनिप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञ– Yagya. A sacred ritual activity, sacrificial rite or fire. विशेष विधी सहित की जाने वाली एक धार्मिक क्रिया; देव और ऋषियों की पूजा करना” हवन, पूजा, सपर्या, इज्या, अध्वर, मह आदि इसके अपरनाम है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरीत मत – Viparita. Name of a doctrine established by king Vasu in the period of Lord Munisuvratnath. भगवान मुनिसुर्वत नाथ के समय में क्षीरकदम्ब उपाध्याय के शिष्य राजा वसु के द्वारा चलाया गया मत “