द्रव्य ध्येय!
द्रव्य ध्येय To concentrate mind on the virtuous matters. अध्यात्म वेत्ताओं के अनुसार 4 प्रकार के ध्येय पदार्थों में एक सत् या गुणपर्यायवान् पदार्थ में एकाग्र होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य ध्येय To concentrate mind on the virtuous matters. अध्यात्म वेत्ताओं के अनुसार 4 प्रकार के ध्येय पदार्थों में एक सत् या गुणपर्यायवान् पदार्थ में एकाग्र होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्वेतरुधिर – Shvetarudhira. Blood having milk colour, one of the 10 excellences of the birth of Lord Arihant. अरहंतो के जन्म के 10 अतिशयों में एक अतिशय, दूध के समान धवल (सफेद ) रुधिर होना “
द्रव्य अप्रत्याख्यान Lust or desire for illusive matters. रागादि विषयों की आकांक्षा रूप अप्रत्याख्यान के दो भेदों में एक भेद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेयस्कर – Shreyaskara. Mertorious, Auspicious, A type of heavenly deities. लाभप्रद, मंगलकारी, लौकांतिक देवो का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रारब्ध देश संयमी – जिसने श्रावक के व्रतों का अभ्याश प्रारंभ किया Prarabdha desa Samyami- layman votary with abstinence
द्यानतराय A writer who wrote number of books on Jainism. टागरा निवासी एक लेखक ‘पंडित’ जिन्होंने धर्मविलास, पूजापाठ व भक्ति स्तोत्र आदि अनेक ग्रंथों की रचना की। समय- ई. सन् 1676-1723।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतमुनि – Shrutamuni. The disciple of saint Abhayachandra Suri. त्रिभंगीसार टीका एवं परमागमसार ग्रंथ के रचयिता, जो अभयचंद्र सूरि के शिष्य थे ” समय ई. श. 13-अंतिम पाद “
तूर्यांग A type of wish fulfilling tree (Kalpavriksha). तूर्यांग जाति का एक कल्पवृक्ष जो वाद्य प्रदान करता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इंद्रिय सुख Sensual pleasure. इन्द्रिय के द्वारा उनके विषयों को भोगना इन्द्रिय सुख है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]