मुख्यकाल!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्यकाल–Mukhyakaal. A type of prime period of time. वर्तना लक्षण काल का प्रथम भेद; गौण काल की प्रवृत्तिइसी काल के कारण होती है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्यकाल–Mukhyakaal. A type of prime period of time. वर्तना लक्षण काल का प्रथम भेद; गौण काल की प्रवृत्तिइसी काल के कारण होती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर पर्याप्ति काल – Sharera Paryaaypti Kaala. Period of the formation of respiratory vitality in the body. शरीर पर्याप्ति पूर्ण होने पर जब तक श्वासोच्छवास पर्याप्ति पूर्ण न हो तब तक का काल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परविवाहकरण :An infraction of vow of celibracy.ब्रहमचर्याणुव्रत का एक अतिचार, अपने कुटुम्ब के सिवाय अन्यों का विवाह करना,कराना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा आगत:Authenticity of scriptures, approved by spiritual leaders (Acharyas). आगम की प्रमाणिकता जो आचार्य परम्परा से आगत होने के कारण जानी जाती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भय दोष – Bhaya Dosa. A fault; paying reverence with fear. व्युत्सर्ग का एक अतिचार; सत्यभय आदि से युक्त होकर वन्दनादि करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परवश अतिचार:A type of infraction, acceptance of abandoned material due to somje external fear.अतिचार का एक भेद;उन्माद, पित , पिशाच, आदि अथवा अन्य लोगों के वश होकर त्याग किये हुए पदार्थें को ग्रहण करना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्म:Verse, Four months stay of saints at a particular place during rainy season. काव्य, साधु का एक स्थितिकल्प वर्षाकाल के चार मास पर्यंत एक स्थान पर ही रहना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुध्द्ववीर्य – Buddhavirya. Name of the questioner of Lord Pushpadant. तीर्थकर पुष्पदंत के समवसरण में मुख्य प्रशनकर्ता “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्माल:A city in the north of Vijayardh (mountain). विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर ।