इंद्रिय अवग्रह!
इंद्रिय अवग्रह Sensory apprehension. इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का प्रार्थमिक ग्रहण होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रिय अवग्रह Sensory apprehension. इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का प्रार्थमिक ग्रहण होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोवंदना- Manovandana. Eulogical contemplation of the virtues of spiritual teachers. वंदना करने योग्य गुरुओं आदि के गुणों का स्मरण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीपाल – Shreepaala. One who was got married with Mainasundari and was cured from leprosy by religious treatment, Name of king caused to Nemichandra Saidhantikdev to write Drivya Sangrah. चम्पापुर नगर के राजा अरिदमन का पुत्र ” मैना सुन्दरी से विवाहा गया ” कोढ़ी होने पर मैना सुन्दरी कृत सिद्धचक्र विधान के गंधोदक से…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवाहन – Sanvaahana. Mountaineous dwelling place surrounded with forest. बहुत प्रकार के अरण्यों से युक्त महापर्वत के शिखर पर स्थित नगर “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपराहेतु: Traditional worshipping.प्रत्यक्ष हेतु एका एक भेद शिष्य-प्रशिष्य आदि के द्वारा निरन्तर की जाने वाली अनेक प्रकार की पूजा आदि साधन ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावस्ती ( तीर्थ ) – Shraavastee (Teerth). Name of a place of pilgrimage, the birth place of Lord Sambhavanath, near Baharaich (U.P). उत्तरप्रदेश में बहराईच के निकट स्थित तीर्थंकर सम्भवनाथ की जन्मनगरी “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == तपस्वी : == नाऽपि तुण्डितेन श्रमण:, न ओंकारेण ब्राह्मण:। न मुनिररण्यवासेन, कुशचीरेण न तापस:।। —समणसुत्त : ३४१ केवल सिर मुंडाने से कोई श्रमण नहीं होता, ओम् का जप करने से कोई ब्राह्मण नहीं होता, अरण्य में रहने से कोई मुनि नहीं होता, कुश—चीवर धारण करने से कोई तपस्वी…