आत्मरक्ष!
आत्मरक्ष Deities like body guards. वे देव जो अंगरक्षक के समान हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मरक्ष Deities like body guards. वे देव जो अंगरक्षक के समान हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतवन – Bhutavana. Name of a forest whers Shreepal announced himself to be Chakravarti (emperor). एक वन, जहाँ श्रीपाल ने ७ शिलाखण्डों को एक के ऊपर एक रखकर स्वयं चक्रवर्ती होने की सूचना दी थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बद्ध्यमान आयु- आगामी जिस आयु का बन्ण किया हो वह बद्ध्यमान आयु कहलाती है। Baddhyaman Ayu- Age that has been bound for the next birth
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात – Sankhyaata. Finite counting. दो को आदि लेकर गणना (गिनने योग्य संख्या) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसाद – मन में निर्मल भाव लेन वाली वास्तु अनुग्रह कृपा पवित्र द्रव्य Prasada- Propitiatory offering a gift, boon, blessing, sacred materials
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुल- अधेलोक की प्रथम रत्नप्रभा पृथ्वी के प्रथम ‘खरभाग’ की 14वीं पृथ्वी (अपरनाम-बकुल) Bahula- Name of an earth
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == चरित्त : == चारित्तं समभावो —पंचास्तिकाय : १०७ समभाव ही चारित्र है। असुहादो विणिवित्ती, सुहे पवित्ती य जाण चारित्तं। —द्रवसंग्रह : ४५ अशुभ से निवृत्ति और शुभ में प्रवृत्ति करना—इसे ही चारित्र समझना चाहिए। थोवम्मि सिक्खिदे जिणइ, बहुसुदं जो चरित्तसंपुण्णो। जो पुण चरित्तहीणो, िंक तस्स सुदेण बहुएण।। —मूलाचार : १०-६…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्षेप सम्यग्दर्शन – Sankshepa Samyagdarshana. Right faith gained through brief description of scriptures. जिनागम में कहे गये जीवादि पदार्थों को संक्षेप से सुनकर या जानकर जो सम्यग्दर्शन होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषधोवास- पर्व (अश्टमी, चतुर्दषी आदि) के दिनों में चारों पगाकर के आहार का त्याग करके धर्म ध्यान में दिन व्यतीत करना। Prosadhopvasa- fasting (on 8th & 14th day etc of each fortnight