ब्रह्मचर्याणुव्रत!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्याणुव्रत – Brahmacaryanuvrata. Vow of partial celibacy, to limit the desires with own wife only. ५ अणुव्रतों में व्रत; एक देश ब्रम्हचर्य पालना अथवा स्वदारसंतोंष रखना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्याणुव्रत – Brahmacaryanuvrata. Vow of partial celibacy, to limit the desires with own wife only. ५ अणुव्रतों में व्रत; एक देश ब्रम्हचर्य पालना अथवा स्वदारसंतोंष रखना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (ॠत) – Vachan (Rta).: True speech or words. ॠत अथवा सत्य वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्ठीवन – Nishtheevana. To split out, an infraction of meditative relaxation ; an obstacle related to saint food; coming out phlegm in mouth. थूकना, कायोत्सर्ग का एक अतिचार; आहार अन्तराय; आहार करते समय साधू के द्वारा कफ आदि थूक देने पर निष्ठीवन नाम का अन्तराय होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मवान् : Name of a region of Western Videh (region), A summit of Vikritvan Vakshar, Nabhigiri mountain of Ramyak Kshetra (region) अपर विदेह स्थित एक क्षेत्र, विकृतवान् वक्षार का एक कूट, रम्यक क्षेत्र का नाभिगिरी ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अस्तित्व – Bhava Astitva. A property of matter related to its eternal exist- ence. द्रव्यों के ६ सामान्य गुणों में एक गुण, जिसके निमित्त से द्रव्य का कभी नाश नहीं होता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वन्शपत्र (योनि) – Vanshapatra (Yoni).: A type of female genital organ . योनि के 3 भेदों में एक भेद;बांस के पत्ते के समान लम्बी योनि “इस योनि से साधारण मनुष्य ही उत्पन्न होते हैं “
त्रिभुवन The three worlds, the entire universe. देखें – त्रिलोक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्ममाल: Name of the 23rd Patal (layer)and its Indrak of saudharma heaven, A kind of Kuru dynasty. सौधर्म स्वर्ग के 23 वाॅं पटल व उसका इन्द्रक, कुरू वंश का एक राजा
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरक–Merak. Name of the 3rd Pratinarayan. तीसरा प्रतिनारायण, मेरूक और मधु इसके अपरनाम थे”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिरोनति – Shironati. A courteous posture – bowing head with folded & joined hands in reverence. कृतिकर्म का एक अंग; दोनों हाथ जोड़कर मस्तक झुकाकर उसमें जोड़े हुए हाथ लगाकर नम्रीभूत होना “