रसना इन्द्रिय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसना इन्द्रिय – 5 इन्द्रियों में दूसरी इन्द्री जिव्हा। जिसके द्वारा स्वाद का ज्ञान होता है। Rasana Imdriya-Tongue, sensory organ of taste
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसना इन्द्रिय – 5 इन्द्रियों में दूसरी इन्द्री जिव्हा। जिसके द्वारा स्वाद का ज्ञान होता है। Rasana Imdriya-Tongue, sensory organ of taste
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमावगाढरूचि दर्शनार्थ :A type of Aryas-noble persons.अनृद्वि प्राप्त आर्य का एक भेद । परमावधि या केवलज्ञान दर्षन से प्रकाशित जीवादि पदार्थ विषयक प्रकाश से जिनकी आत्मा विषुद्व है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसगारव – छ रस सहित भोजन मिलने का अभिमान। Rasagarava- pride of having tasty food
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधन – Saadhana. Means, resource. कार्य आदि के सम्पादन मं नित्तिभूत क्रिया, हेतु, उपाय आदि साधन कहलाते है। मरण समय आहार व मन वचन काय के व्यापार का त्याग करके आत्म शुद्धि करना साधन है।
ऋषि Name of the first Tirthankara (Jaina-Lord) Rishabhadev. ब्रह्मर्षि देवर्षि परमर्षि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साता – Saataa. Pleasure, bliss, merriment. सुख अर्थात् साता रुप आत्मा का परिणाम।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागार – Saagaara. Householders, lay followers. गृहस्थ। गृह मे रहने वाले गृहस्थधर्म पालक। अर्थात् सकल परिग्रह सहित धर मे रहने वाले सागार कहलाते हेै।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रिश्टसमुच्चय – आचार्य दुर्गदेव कृत मन्त्र तन्त्र विशयक एक संस्कृत गं्रथ का नाम। समय 11 षताब्दी Ristasamuccaya-name of a book related to mystical theme
ऊर्ममालिनी Name of a river. पश्चिम विदेह के सीतोदा नदी के तट में तीसरी विभंगरा नदी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमाली – विद्याधर वंष का एक राजा Ratnamali- Name of a king of Vidyadhar Dynasty