दशरथ!
दशरथ Father’s name of Ram, Lakshman, Bharat & Shatrughna. राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन के पिता का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दशरथ Father’s name of Ram, Lakshman, Bharat & Shatrughna. राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन के पिता का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय उपगूहन – Nishchaya Upgoohana. Absolutely free from all passion. मुनि अवस्था में सिद्धों की अर्थात् शुद्धात्मा की भक्ति से युक्त होना और रागादी भावों से युक्त नहीं होना अर्थात् अपने निरंजन-निर्दोष आत्मा को दूषित करने वाले मिथ्यात्व रागादि विभावधर्मों का विनाश करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शशि – Shashi. The Moon, A king of Ikshvaku dynesty. चंद्रमा, इक्ष्वाकुवंशी एक राजा जो रवितेज का पुत्र था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निवृत्त्यपर्याप्त – Nirvrttyapaparyaapta. Period of completion of eligible state (i.e. 6 Paryaptis) for body making in (Antarmuhurta). पर्याप्ति नामकर्म के उदय से युक्त जीव के जब तक शरीर पर्याप्ति पूर्ण न हो उतने काल तक उसे निर्वृति अपर्याप्त कहते है (अर्थात्एक समय कम शरीर-पर्याप्ति सम्बन्धी अन्तर्मुहूर्त पर्यत्न काल)” इस अवस्था को सर्वज्ञ ही जानते…
चतुराश्रम The four stages of life. ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वांप्रष्ठ व सन्यास आश्रम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपशामक Calming, Pacifying . जो जीव कर्मों के उपशामक करने में व्यापार करते हैं उन्हें उपशामक कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उनचास Forty-nine. एक संख्या सहनानी रज्जूप्रतर रज्ज2(7)2=49। एक बार सम्मेदशिखर की वंदना करने वाला भव्य जीव अधिकतम 49 भव में नियम से मोक्ष प्राप्त करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तर शरण –Lokottara Sharan The supreme resort ,the shelter of Panch Parmeshthis . पंच परमेष्ठी आदि लोकोत्तर शरण हैं “जिनकी शरण लेकर लोक अर्थात् संसार को पार किया जाता है “
दर्पण Mirror; an auspicious device which is to be kept near Lord idol. शीशा, एक मंगल, अकृत्रिम प्रतिमाओं के समीप सिथत 108 मंगल द्रव्यों में एक मंगल द्रव्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]