जन्मकल्याणक!
जन्मकल्याणक Celebration of the birth event of Jaina Lord. भगवान के पांच कल्याणकों में एक , तीर्थंकरों के जन्म का उत्सव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जन्मकल्याणक Celebration of the birth event of Jaina Lord. भगवान के पांच कल्याणकों में एक , तीर्थंकरों के जन्म का उत्सव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुषेणा – Sushenaa. Mother’s name of Lord Sambhavnath. श्रावस्ती नगरी के राजा दृढराज की रानी एवं तीर्थकर संभवनाथ की माता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गशलाका – Vargashalaakaa.: A mathematical operation. दो की संख्या का वर्ग जितनी बार हो उस राशि का नाम ” जैसे -16 की वर्ग शलाका 2 है ,क्योंकि 2 का वर्ग 4 , 4 का वर्ग 16 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वशय्यासन तप – Parsvasayyasana Tapa. A type of austerity, to sleep in single posture. कायाक्लेश का एक भेद; किसी एक करवट से सोना “
चन्द्रचिन्ह A kind of Kuru descendant, The significant symbol of Lord Chandraprabha, The symbol of Lord Svayamprabha present at Videh Kshetra. कुरुवंश के एक राजा का नाम, चंद्रप्रभ भगवान का चिन्ह, विदेह क्षेत्र में स्थित स्वयंप्रभ का चिन्ह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरधर्म – Varadharma.: Past-birth-father of Lord Mallinath,Name of a saint possessing super power. तीर्थंकर मल्लिनाथ के पूर्वभव के पिता का नाम , एक चारणऋद्धिधारी मुनि; जीवंधर ने इन्हीं से व्रत लिए थे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ प्रतिमा – Parsvanatha Pratima. Symbolic idol of Lord Parshvanath (with expanded snake- hood). सर्प के फण से युक्त पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वनजीविका – Vanajivika: Livelyhood by forest product. सावद्य, खरकर्म के 15 भेदों में एक भेद ;स्वयं टूटे हुए अथवा तोड़कर वृक्ष आदि वनस्पति को बेचना आदि “