संसारानुप्रेक्षा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसारानुप्रेक्षा – Sansaaraanuprekshaa. Contemplation about the wordly troubles. 12 भावनाओं में एक भावना; संसार के स्वभाव एवं संसार परिभ्रमण का अर्थात् दुःखमय स्वरुप का चिंतन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसारानुप्रेक्षा – Sansaaraanuprekshaa. Contemplation about the wordly troubles. 12 भावनाओं में एक भावना; संसार के स्वभाव एवं संसार परिभ्रमण का अर्थात् दुःखमय स्वरुप का चिंतन करना “
गति द्विक Dyad of Karmic nature related to Gati. गति, गत्यानुपूर्वी(जैसे-तिर्यंच गति , तिर्यंच गत्यानुपूर्वी आदि)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गंभीर Earnest, Sober, A type of peripatetic deities. शांत , गहन, महोराग जाति के व्यन्तर देवों की एक जाति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान गोपुच्छा :Particular decreasing sequence of Krishti.निचली विवक्षित संग्रह कृष्टि की अन्त कृष्टि के ऊपर की अन्य संग्रहकृष्टि का विषेष घटता क्रम ।
गंधवान् Name of a mountain. हिरण्यवत् क्षेत्र में मध्य में कूताकार एक वैताढय पर्वत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर सामान्य:A type of universal entities. सामान्य का एक भेद, इसे सत्ता, भाव और महासामान्य भी कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरण – Sharana. Shelter, Refuge, Protection. सहारा, आश्रय, रक्षा ” शरण के दो भेद हैं-लौकिक अर्थात् राजा आदि की शरण एवं लोकोत्तर अर्थात् 5 परमेष्ठी या धर्म की शरण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परवर्ती:Successive, Subsequent.क्रम, वंश अथवा शाखा में होने वाले आचार्य आदि ।