बादर कायिक जीव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर कायिक जीव- एकेन्द्रिय जीवों का एक भेद; जो स्वयं दूसरों से रुकता है तभा दूसरों को रोकता है। Badara Kayika Jiva- Gross-bodied beaings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर कायिक जीव- एकेन्द्रिय जीवों का एक भेद; जो स्वयं दूसरों से रुकता है तभा दूसरों को रोकता है। Badara Kayika Jiva- Gross-bodied beaings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रायमल्लाभुदय – 24 तीर्थकरों के जीवन वृत्त विशयक एक ग्रथ। Rayamallabhyudaya- name of a religious book रावण – 8 वा प्रतिनारायण राजा रत्नश्रवा व रानी कैकसी का पुत्र अपरनाम दषानन। यह लंका का राजा था इसकी 18 हजार रानियां थी। जैन धर्म के अनुसार सीता का हरण कर नारायण लक्ष्मण के हाथों मरकर तीसरे…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्ननंदी – नंदीसंध बलात्कार गण में वीरनंदी न 1 के षिश्य व माणिक्यनंदी न 1 के गुरू। समय ई 639 से 668 Ratnanadi-Name of the disciple of Virnandi-1 and preceptor of Manikyanandi-1
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रष्ठक – सौधर्म स्वर्ग का एक पटल। Prasthaka- Name of a patal (layer) of saudharma heaven
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधरा – रूचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी। Yasodhara-Name of a female divinity of Ruchak Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुमान- सम्मान, सम्यग्ज्ञान के 8 अंगों में एक अंग, विनय; पवित्रता से हाथ जोड़कर मन को एकात्र करके बड़े आदर से धार्मिक ग्रंथो का अध्ययन करना। Bahumana- Paying much respect or reverence (to scriptural study etc.)
आधिकारिणी क्रिया Adoptation of violenceful instruments. हिंसा के उपकरणों को ग्रहण करना, आस्रव की 25 क्रियाओं में 8 वीं क्रिया।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्लेश – Sanklesha. Passionate or painful thoughts. असाता वेदनीय कर्म के बंध योग्य परिणाम या तीव्र कषाय रूप परिणाम का नाम संक्लेश है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषध प्रतिमा- श्रावक की 11 प्रतिमा में चौथी प्रतिमा; अश्टमी, चतुर्दषी के दिन शä किे अनुसार प्रोशधेपवास करना। उत्कृश्ट प्रोशध प्रतिमा में सप्तमी और नवमी को एक बार भेजन और अश्टमी को उपवास होता है। मध्यम में तीनों दिन एकाषन किया जाता है तथा जघन्य में अश्टमी को एक बार भोजन होता हैं। Prosadha…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्य मुद्रा – जिनेन्द्र देव की मुद्रा ध्यानादि के योग्य आसन, पर्यकासन जिनमुद्रा, मुक्ताषुक्ति सुखासन आदि मुद्रा। Yogya Mudra-Appropriate posture for meditation like lord Jinendra deva