मुख्य मंगल!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य मंगल–Mukhya Mangal. Eulogical hymn of Lord Jinendra for auspiciousness. ज्ञानियो द्वारा शास्त्र के आदि; मध्य व अन्त में विघ्न निवारण के लिए किया जाने वाला जिनेन्द्र देव का गुणस्तवन”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य मंगल–Mukhya Mangal. Eulogical hymn of Lord Jinendra for auspiciousness. ज्ञानियो द्वारा शास्त्र के आदि; मध्य व अन्त में विघ्न निवारण के लिए किया जाने वाला जिनेन्द्र देव का गुणस्तवन”
दण्डक्रीड़ा A game which is played by stick, rod. दण्ड से खेला जाने वाला खेल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधापसरण- देखें- बंध अपसरण। Bandhapasarana- See bandha Apsarana
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनि प्रायश्चित (शास्त्र)–Muni Prayshchit (Shastra). Name of a treatise written by Acharya Indranandi. आचार्य इन्द्रनंदी (ई.श.10–11) की एक रचना; जिसमे साधुओ के दोषों व शक्ति के अनुसार प्रायश्चित देने की विधि का वर्णन है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकलन व्यवहार – Sankalana Vyavahaara. A mathematical operation, Integration. श्रेणी व्यवहार गणित; दो चार राशियों तक सीमित न रखकर धारावाही रूप से जोड़ना अर्थात् समान वृद्धि को लिये अनेक अंको की लम्बी धारा या श्रेणी में यह गणित काम आता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेत्य भाव- मकर फिर किसी शरीर में जन्म लेना। Pretya bhava- Taking rebirth
त्रयदंड Three types of punishment. मन-वचन – काय के अशुभ क्रिया रूप तीन दंड है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षष्ठीव्रत – Sastheevrata. A particular & procedural vow (fasting) to be observed for six years. 6 वर्ष तक प्रतिवर्ष श्रावण शु. 6 के दिन उपवास करना एवं ‘ओं ह्रीं श्री नेमिनाथाय नमः’ मंत्र का त्रिकाल जाप करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियदर्शन – महोरग नामा जाति व्यन्तर देवों का एक भेद, सुमेरु पर्वत का अपरनाम, उत्तरधातकी-खण्डद्वीप का रक्षक देव। Priyadarsana- A type of peripatetic deities, other name of sumeru mountain, protecting deity of Uttardhat kikhand dvip (island)
फलरस Fruit juice, Fruitional power of Karmas. अंगूर, आम, आदि के रस । कर्मो की फल देने की शक्ति । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]