भवसंसार!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसंसार – Bhavasamsara. Cycle of transmigration in different body forms. पाँच प्रकार के संसार में एक भेद; भव के निमित्त से ३२ प्रकार की पर्यायों में जन्म – मरण करने का नाम भवसंसार है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसंसार – Bhavasamsara. Cycle of transmigration in different body forms. पाँच प्रकार के संसार में एक भेद; भव के निमित्त से ३२ प्रकार की पर्यायों में जन्म – मरण करने का नाम भवसंसार है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच – Pancha. Five ‘5’. पांच – जैसे, पंचाग्नि, पचास्तिकाय इत्यादि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्रमणि – Sutramani Name of a female deity of Nityodyot summit of Ruchak mountain. रूचक पर्वत के नित्योद्योत कूट पर रहने वाली विद्युत्कुमारी देवी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पीतलेश्या – Pitalesya. Yellow aura (related to noble qualities). इसके दो भेद हैं- द्रव्यलेश्या, भावलेश्या- द्रव्य की अपेक्षा शरीर की स्वर्णिम आभा एवं भाव की अपेक्षा शुभ परिणाम सहित-पक्षपात रहित, हित अहित में विचार रूप व्यवहार, सत्कार्यों में निपुणता व उदारता “
उदयचन्द्र Name of an Acharya of Nandi group, Name of a poet. नन्दी]संघ (देशीयगण) की नयकीर्ति शाखा के एक गुरू अपभ्रंश कवि इनकी प्रधान कृति सुअंधदहमीकहा है (समय ई. सन् ११५० ११९६) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनीत – Vinita. Name of the 44th chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थकर वृषभदेव के ४४ वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्योनदशमी व्रत – Nyinadashamee Vrata. A type of vow (fasting). दस दशमी के उपवास करना ” यह श्वेताम्बर आम्नाय में प्रचलित है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्तार रूचि –VistaraRuchi. Those having interest of thorough study. शिष्यों के तीन भेदों, में एक भेद, विस्तार से समझने की रूचि रखने वाले शिष्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म परिधि – Sukshma Paridhi. Micro Circumference. सूक्ष्म परिधि =(व्यास2 ग् 10द्ध) अर्थात 2;चपद्धत
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायाभास – Nyaayaabhaasa. False inference, udgement fallacy. जो अनुमान प्रत्यक्ष और आगम के विरुद्ध हो “