द्वेषकी क्रिया!
द्वेषकी क्रिया A kind of activity of violence . एक प्रकार की हिंसा क्रिया।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वेषकी क्रिया A kind of activity of violence . एक प्रकार की हिंसा क्रिया।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्विपृष्ठ The second Narayana of the present era. वर्तमान भव में द्वितीय नारायण, जिसने कोटिशिला को अपने मस्तक तक ऊपर उठा लिया था।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुरुत्व Gravitational force, Eminence, Greatness. भारी, जो किसी भी तरफ किसी चीज को ले जाए वह गुरुत्व है ,पुद्गल अधोगुरुत्व और जीव ऊर्ध्व गुरुत्व धर्मं वाले हैं , बड़प्पन , महानता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोशाल Name of the founder of a false doctrine. एक मिथ्यामृत प्रवर्तक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदोदरी Mamdodari. Name of the wife of Ravan. रावण की पटरानी, जिसने रावण की मृत्त्यु तथा पुत्रो आदि के वियोग से दुखी होकर दीक्षा ले ली “
उदयादित्य Name of a king and a Kannad poet. भोजवंशी राजा जयसिंह के पुत्र (नरवर्मा के पिता मालवा देश के राजा-ई. 1058-1093) उदयादित्यालंकार के रचयिता एक कन्नड कवि (ई. 1150)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वितर्क – Vitarka.: Argument or to make arguments. श्रुत “विशेषरूप से ऊहा या तर्कणा करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्र दोष: A type of saint’s fault related to obtaining food by giving temptation of some mystic word. दाता को मंत्र की महिमा बताकर और मंत्र देने की आशा दिलाकर यदि साधु आहार प्राप्त करें तो वह मंत्रदोष कहलाता हैं एवं आहार देने वाले के द्वारा व्यंतरादिदेवों को विद्या तथा मंत्र से बुला…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजया – Vijayaa.: Mother’s name of Tirthankar (Jain-Lord) Ajitnath,Name of the female demigod of Jain-Lord Aranath. तीर्थंकर अजितनाथ की माता राजा जितशत्रु की रानी ,भगवान अरहनाथ की शासन देवी “