घोटमानयोगस्थान!
घोटमानयोगस्थान Unstable dispositions. परनाम योगस्थान ; जो आत्मा के प्रदेश एक से न रहें , घटते -बढ़ते रहें ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घोटमानयोगस्थान Unstable dispositions. परनाम योगस्थान ; जो आत्मा के प्रदेश एक से न रहें , घटते -बढ़ते रहें ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == धर्मचरण : == जरा यावत् न पीडयति, व्याधि: यावत् न वद्र्धते। यावदिन्द्रियाणि न हीयन्ते, तावत् धर्मं समाचरेत्।। —समणसुत्त : २९५ जब तक बुढ़ापा नहीं सताता, जब तक व्याधियां (रोगादि) नहीं बढ़ती और इन्द्रियाँ अशक्त अक्षम) नहीं हो जातीं, तब तक (यथाशक्ति) धर्माचरण कर लेना चाहिए क्योंकि बाद में अशक्त एवं असमर्थ…
गुणभद्र भट्टारक The writer of religious treatise (Dhanyakumar charit etc). पूजा कल्प,धन्यकुमार चरित आदि के कर्ता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजवंश:Name of a dynasty. वृषभदेव भगवान के समय का एक वंश; इस देश के राजा न्यायपूर्वक प्रजा का पालन करने से भोज कहलाते थे “
गरूड़पंचमी व्रत A type of vow to be observed in shravan month. पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष श्रावण शु. ५ का उपवास ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिभद्र – Namdibhadra A great saint whose another name is ‘Nandivardhana’. एक चरण ॠदधिधारी मुनि, इनका अपरनाम नंदिवर्धन है ”
गर्हा Confessing own faults before the spiritual teacher. गर्हण, गुरु के समक्ष अपने दोष प्रगट करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] A type of metallic plate engraved with some auspicious mystic words. नयनोन्मीलन मंत्र लिखित धातु की प्लेट “