चित्रा पृथिवी!
चित्रा पृथिवी Name of an earth of middle universe with 1000 Yojanas. मध्यलोक की १००० योजन मोती पृथिवी का नाम यह चित्र विचित्र अनेक धातुओं , मणियों से युक्त होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चित्रा पृथिवी Name of an earth of middle universe with 1000 Yojanas. मध्यलोक की १००० योजन मोती पृथिवी का नाम यह चित्र विचित्र अनेक धातुओं , मणियों से युक्त होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चक्षु इन्द्रिय Visual sense organ, sense of sight, ocular sense. आँखें, जिसके द्वारा संसारी जीव पदार्थों को देखता है उसे चक्षु इन्द्रिय कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्द्रकान्त A king of Yadu dynasty. वासुदेव का पुत्र. यदुवंश का राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधि संधारणता – Samaadhi Sandhaaranataa. Engrossment into deep meditation for holy death. समयक् प्रकार से समाधि धारण करने की भावना का नाम समाधि संधारणता है। इससे तीर्थकर नामकर्म का बंध होता है। षट्खण्डागम सूत्र मे सोलहकारण भावनाओ मे यह एक भावना कही है।
त्रिलोकसार A book of Karnanuyog written by Acharya Nemichandra Siddhant Chakravarti. आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्त चक्रवर्ती द्वारा ई.श.11 पूर्व में रचित करणानुयोग से संबंधित लोकविभाग विषय पर प्राकृत ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चर्याश्रावक Observance of a householder. अभ्यासी श्रावक का आचरण ; दर्शन प्रतिमा से अनुमति त्याग प्रतिमा तक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधिमरण – Samaadhimarana. The holy death of saints. सल्लेखना, इसमें शरीर मे ममत्व छोड़कर देह का विसर्जन किया जाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप्य – रूक्मि पर्वत छठे कूट व देव का नाम। Rupya-name of the 6th summit of rukmi mountain and its deity
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभोपयोगी – Shubhopayogee. One involved in auspicious conduct. जो देशचारित्र अथवा सकलचारित्र का पालन करते हुए धर्म क्रियाओं में लीं रहते हैं, वे शुभोपयोगी श्रावक या मुनि कहलाते हैं “
चित्रगृह A special part of the residence of some deities. भवन्वासी देवों के भवनों में एक गृह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]