स्वात्मा!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वात्मा -Svaatmaa. The own soul. आत्म द्रव्य, निज स्वरुप।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव सम्यग्द्रष्टि – Bhava Samyagdrsti. One possessing right knowledge or perception. भेद ज्ञान पूर्वक परद्रव्य, परभाव, परपर्याय से भिन्न आत्मा का अनुभव करने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांव्यवहारिक प्रत्यक्ष – Saamvyavahaarika Pratyaksha. Right sensual apprehension or perception. प्रत्यक्ष के दो भेदो मे एक भेद जो ज्ञान इन्द्रिय और मन की सहायता से पदार्थ को एकदेष स्पष्ट जानता है। उसे सांव्यवहारिक प्रत्यक्ष कहते है। यद्यपि सैद्वान्तिक दृष्टिकोण से यह परिभाषा परोक्ष ज्ञान मे धटित होती है परन्तु न्याय की भाषा मे इसे…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावनिर्वीचकित्सा – Bhavanirvichikitsa. Volitions free from anguishment or any afflict-tion, volition of non- disgust. क्षुधादि १२ परीषहों में संक्लेश परिणाम न करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति बन्धापसरण – Prakrti Bandhapasarana. Sequential reduction in karmic bindings. प्रकतिबंध का क्रम से घटना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोवंदना- Manovandana. Eulogical contemplation of the virtues of spiritual teachers. वंदना करने योग्य गुरुओं आदि के गुणों का स्मरण करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपराहेतु: Traditional worshipping.प्रत्यक्ष हेतु एका एक भेद शिष्य-प्रशिष्य आदि के द्वारा निरन्तर की जाने वाली अनेक प्रकार की पूजा आदि साधन ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचनसार- आचार्य कुन्दकुन्द (ई. 127-179) कृत ज्ञान, ज्ञेत व चारित्र विशयक एक प्राकृत ग्रंथ। Pravacanasara- A prakrit treatise written by Acharya Kundkund