उत्साह!
उत्साह Earnestness, Enthusiasm, Name of the 15th Tirthankar (Jaina-Lord) of past era. उमंग इच्छा भूतकालीन 15 वें तीर्थंकर (उत्साहनाथ)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्साह Earnestness, Enthusiasm, Name of the 15th Tirthankar (Jaina-Lord) of past era. उमंग इच्छा भूतकालीन 15 वें तीर्थंकर (उत्साहनाथ)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चयगुप्ती – Nishchayagupti. Absolute purety of soul (with mind, speech & body). मुनि अवस्था में सहज शुद्ध आत्मा-भावनारूप गुप्त स्थान में संसार के कारणभूत रागादि के भय से अपने को छिपाना अर्थात् मन वचन काय की रागादि प्रवृत्तियों से निवृत्त होना”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्मासन:A Posture of meditation, Specific sitting posture related to Yoga. ध्यान का आसन सीधे बैठकर बायां पैर दाहिनी जांघ पर व दाहिना पैर बांई जांघ पर रखकर बाएं हाथ की हथेली पर दाहिने हाथ की हथेली रखना ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात विहार-शुद्धिसंयत–Yathakhyat Vihar–Shuddhi Sanyat. Those at the 11th, 12th, 13th or 14th stages of spiritual development. 11, 12, 13, 14वे गुणस्थान में पाये जाने वाले जीव यथाख्यात विहार शुद्धि संयत कहलाते है” अथवा जो यथाख्यात चारित्र वाले होते हुए शुद्धि प्राप्त संयत है”
इहलोकाशंसा प्रयोग Desire to become a king etc. related to this world. इस लोक से संबंधित आकांक्षा होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्म (देव) – Brahma (dev). A type of Kalpavasi deities. कल्पवासी देवों का एक भेद, ५ वें स्वर्ग के देव “
उपासकाध्ययन A type of scriptural knowledge (Shrutgyan). द्रव्यश्रुतज्ञान का सातवाँ अंक जिसमें श्रावक धर्म का विशेष विवेचन किया गया है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावि नैगमनय – Bhavi Naigamanaya. Wrong implication of something in present which is going to occure in future. एक नय; जो पदार्थ अभी अनिष्पन्न है,और भावि काल में निष्पन्न होने वाला है, उसे निष्पन्नवत कहना-अर्थात् जो बात आगे होगी उसको वर्तमान में कहना, जैसे अर्हत को सिध्द कहना “