चतुराश्रम!
चतुराश्रम The four stages of life. ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वांप्रष्ठ व सन्यास आश्रम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुराश्रम The four stages of life. ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वांप्रष्ठ व सन्यास आश्रम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचेतना – Sanchetana. Absolute Consciousness. ज्ञानरूप शुद्ध आत्मा या ज्ञान चेतना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तिबुक संक्रमण – Stibuka samkramana. Simultaneous fruition of non-rising karmic nature with another rising one.गति, जाति आदि पिेड प्रकृतियो मे से जिस किसी विवक्षित प्रकृति के उदय आने पर अनुदय प्राप्त शेष प्रकृतियो का जो उसी प्रकृति मे संक्रमण होकर उदय आता है उसे स्तिबुक संक्रमण कहते है। जैसे एकेन्द्रिय जीवो के उदय प्राप्त…
उनचास Forty-nine. एक संख्या सहनानी रज्जूप्रतर रज्ज2(7)2=49। एक बार सम्मेदशिखर की वंदना करने वाला भव्य जीव अधिकतम 49 भव में नियम से मोक्ष प्राप्त करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारित्राचार Observance of right conduct. ५ महाव्रत , ५समिति , ३ गुप्ति रूप सम्यक् चारित्र का पालन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दर्पण Mirror; an auspicious device which is to be kept near Lord idol. शीशा, एक मंगल, अकृत्रिम प्रतिमाओं के समीप सिथत 108 मंगल द्रव्यों में एक मंगल द्रव्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रृंगारमंजरी – Shringaaramanjaree. Name of a poetic composition composed by Ajitsen. छंद अलंकार विषयक अजितसेन कृत एक संस्कृत भाषाबद्ध रचना ” समय ई. 1250-60 “
त्यागधर्म Doctrine of renunciation. 10 धर्मों में एक धर्म, संचेतन और अचेतन समस्त परिग्रह की निवृत्ति एंव संसार – शरीर – भोगों से उदासीनता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चारित्र Conduct, Character, Virtue. देशव्रत या महाव्रतरूप आचरण व्यवहार क्गारित्र एवं आत्मस्वभाव में रमण करना निश्र्चय चारित्र है ।।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुच्छिन्न क्रिया निवृत्ति – Samuchchhinna Kriyaa Nivritti. Absolute meditation, devoid of all activities or vibrations of soul points. चतुर्थ शुक्लध्यान। इसमे आत्म-प्रदेशों के परिस्पन्दन रुप योगो का तथा काय बल आदि प्राणों का समुच्छिन्न (उच्छेद) हो जाता है। इस ध्यान मे किसी प्रकार का आस्त्रव नही होता। यह अन्तर्मुहर्त समय के लिए होता है।…