विनयलालस!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयलालस – Vinayalalasa. Name of a saint among particular group of 7 saints. सप्त ऋषियों में एक, विनयलालस “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयलालस – Vinayalalasa. Name of a saint among particular group of 7 saints. सप्त ऋषियों में एक, विनयलालस “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीर्ष प्रहेलिका – Sheersha Prahelikaa. A type of time unit. काल का एक प्रमाण; लता, प्रयुत, महाऊह या शीर्षप्रहेलिका “
त्रिकोण रचना To pay reverence three times a day. उदयागत कर्म निषेकों की त्रिकोण रचना, एक एक घटता हुआ निषेक उदय में आना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील लेश्या – Neela Leshyaa. Blue thought colouration or aura (related to worldly Passions). अशुभ भाव जो तीव्र कषय से हो; अतिलोभ, चपलता, अनृत भाषण, माया, तृष्णा, परवंचना, आलस्य, मूर्खता आदि नील लेश्या के लक्षण है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाना-जीव नाना-अजीव – Nana-Jiva Nana-Ajiva Theory of many animates and inanimates अनेक जीव और अनेक अजीव ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == श्रद्धा : == जं सक्कइ तं कीरइ, जं न सक्कइ, तयम्मि सद्दहणा। सद्दहमाणो जीवो, वच्चइ अयरामरं ठाणं।। —धर्म संग्रह : २-२१ जिसका आचरण हो सके, उसका आचरण करना चाहिए एवं जिसका आचरण न हो सके, उस पर श्रद्धा रखनी चाहिए। धर्म पर श्रद्धा रखता हुआ जीव भी जरा…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागार्जुन – Nagarjuna A great personality of Bauddha, Name of a writer of Ayurved. एक बौध विद्वान (आचार्य पूज्यपाद स्वामी से प्राप्त पघावती मंत्र को सिद्ध करके इन्होने स्वर्ण बनाने की विघा प्राप्त की)” कर्नाटक जैन कवी-वैघक शाश्त्र में पारंगत एवं नागार्जुन कल्प आदि वैघक गंथ्रो के कर्ता ”