संदिग्ध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संदिग्ध – Sandigdha. Doubtful, suspicious, scrupulous. भ्रामक, संदेहात्मक “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संदिग्ध – Sandigdha. Doubtful, suspicious, scrupulous. भ्रामक, संदेहात्मक “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहु – Bahu. Name of the 3rdTirthankar situated in videhKshetra (region). विदेह क्षेत्र में स्थित तीसरे तीर्थकर का नाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंभूस्तोत्र – Svayammbhuustotra. Name of a famous eulogical composition composed by Acharya Samantbhadra. आचार्य समन्तभद्र (ई0श0 2) कृत संस्कृत छंदबद्व ग्रथ। इसमे 24 तीर्थकरो का स्तवन न्यायपूर्वक अनेकांत की स्थापना करते हुए किया गया है। कुल श्लोक 143 है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == जय परायज : == स वोरिए परायिणति, अवीरिए परायिज्जति। —भगवती सूत्र : १-८ शक्तिशाली (वीर्यवान्) जीतता है और शक्तिहीन (निर्वीर्य) पराजित हो जाता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव पुद््गल – Svabhaava Pudgala. A pure particle of a Pudgal. पुद्गल द्रव्य के दो भेदो मे एक भेद। पुद्गल का एक शुद्व परमाणु स्वभाव पुद्गल और स्कंथ विभाव पुद्गल कहलाते है।
चतुर्थीविद्या The 4th ethical propounded knowledge (Dandniti). आन्वीक्षिका , त्रयी , वार्ता , दण्डनीति इन ४ विद्यालयों में चौथी दंडनीति विद्या ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोहज भाव–Mohaj Bhav. Disposition caused by delusion. मोह से उत्पन्न होने वाले औदयिक भाव”
देवपूजा Worshipping of Lord Arihant. श्रावक के षट्आवश्यक कत्र्तव्यों में प्रथम कत्र्तव्य अष्ट द्रव्यों से अरहंत, सिद्ध भगवन्तों की पूजा करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आधान क्रिया An auspicious worshipping to be observed before pregnancy. ऋतुमती स्त्री के चतुर्थ स्नान के पश्चात् गर्भाधान के पहले, अर्हन्त देव की पूजा के द्वारा मंत्र पूर्वक जो संस्कार किया जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]