मज्जा!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मज्जा – Majja. Marrow (of a bone); pith; sap. औदारिक शरीर में पायीं जाने वाली एक धातु जो हड्डी से पैदा होतीहै “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मज्जा – Majja. Marrow (of a bone); pith; sap. औदारिक शरीर में पायीं जाने वाली एक धातु जो हड्डी से पैदा होतीहै “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ”नंदभूपति – Namdabhupati A kind of Siddharthnagar. सिधार्तनगर का एक राजा; जिसने तीर्थंकर त्रेयांसनाथ को आहार देकर पंचाश्चर्य प्राप्त किये थे ”
घोषसम Resonance (regarding scriptural knowledge ‘Shrutgyan’). अनुयोग श्रुतज्ञान ; जो घोष अर्थात त् द्रव्यानुयोग द्वारा के साथ उतोपन्न होता है इस कारण घोषसम कहलाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंद – Namda Father’s name of lord Naminath in the past birth, Name of intiation-treee of Lord Shantinath, Name of Lord Mahavira in the #rd past birth, Deity of a summit of Manushottar mountain, the foster father of krishna, delight, joy. भगवान नमिनाथ के पूर्वभव के पिता का नाम, शांतिनाथ भगवान के दीक्षा वृक्ष…
गृहीतग्रहण Acquired knowledge. ईहाज्ञान ; अवग्रह से ग्रहण किए पदार्थ को विशेष जानने की ओर उन्मुखता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ध्रुवबन्धी प्रकृति A Karmic nature, constantly involved in binding (related to living beings). जिस कर्म प्रकृति का बंध निरंतर होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घोर गुण Those (super saints) having supreme virtues. उत्कृष्ट पराक्रम सहित हैं गुण जिनके , घोर गुण (ऋद्धिधारी मुनि) कहे जाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मघवा – Maghava.: Name of the 6th earth of hell. नरक की छठी पृथ्वी, जिसका अपरनाम तमःप्रभा है “
गुरुत्वगति Gravitational motion. गति का एक भेद ; पत्थर आदि के नीचे की ओर जाने वाली गति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तविध संसार – Saptvidha Sansaara. Seven modes of involvement of beings in the wordly cycle. एकेन्द्रिय जीव के सूक्ष्म बादर, द्वीन्द्रिय, श्रीन्द्रिय, चतुरिन्द्रिय, पंचेन्द्रिय के संज्ञी और असंज्ञी ये संसारी जीव के सात भेद है, इनमें भ्रमण करना ही सात प्रकार का संसार है।