मतिज्ञान!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतिज्ञान- Matigyana. Sensory knowledge, perceptual cognition. 5 ज्ञानों में एक ज्ञान ;मन और इन्द्रिय की सहायता से उत्पन्न होने वाला ज्ञान “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतिज्ञान- Matigyana. Sensory knowledge, perceptual cognition. 5 ज्ञानों में एक ज्ञान ;मन और इन्द्रिय की सहायता से उत्पन्न होने वाला ज्ञान “
उपवेशन Seating, An obstacle in saints food (by sudden sitting) . बैठना साधु संबंधी आहार अंतराय का एक भेद शारीरिक शिथिलता के कारण अचानक साधु का बैठना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोशीर्ष A mountain of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखण्ड का मलयगिरी के निकट स्थित एक पर्वत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मटि्य – Mattiya. Living beings like centipede having number of legs. बहुत पैर जिस के रहते हैं ऐसा जो ‘कनखजूरा’ जैसा प्राणी हैं , उसे मटि्य कहतेहैं “
उपरितन स्थिति Position of upper specific karmic aggregation. ऊपर की स्थिति संबंधी निशेकों की उपरितन स्थिति कहते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्दन कथा A book written by Acharya Shubhchandra-5. आचार्य शुभचन्द्र -५ (ई. १५१६-१५५६) द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समंतभद्र – Samantabhadra.Name of great Acharya, the writer of Svayambhu Stotra, Tattvanushasan, Ratnakarandashravaka-chr etc. many great treatises. आचार्य सिद्वसेन के उत्तरवर्ती एक आचार्य। स्वयम्भू स्तोत्र, स्तुति विद्या, देवागम स्तोत्र, युक्त्यानुशासन, तत्वानुशासन, जीवसिद्वि, प्राकृत व्याकरण, रत्नकरण्डश्राावकाचार आदि अनेक ग्रंथो के रचयिता संस्कृत कवि, वादी, वाग्मी, गमक, तार्किक आदि उपाधियो से समन्वित एक प्रसिद्व आचार्य।
उपरिमग्रैवेयक An upper most spatial region of a Graiveyaks. 9 गैवेयक में ऊपर के 3 सुमनस, सोमनस, प्रीतिंकर विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गृहिमूलगुणाष्टक 8 basic restraints of householders. गृहस्थ के ८ मूलगुण; ५ अनुव्रतों का पालन, मद्य, मांस, न्मधू का त्याग (रत्नकरण्ड के अनुसार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मघा – Magha. Name of a lunar. एक नक्षत्र ” तीर्थं कर सुमतिनाथ का जन्म इसी नक्षत्र में हुआ था “