नैकायिक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैकायिक – Naikaayika. An eoithet for a saint engrossed in Ratnatray. पूर्णरत्नत्रय निकाय में हुआ नैकायिक है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैकायिक – Naikaayika. An eoithet for a saint engrossed in Ratnatray. पूर्णरत्नत्रय निकाय में हुआ नैकायिक है “
दिव्यभूमि The assembly land of Lord Arihant. स्वाभाविक भूमि से एक हाथ ऊंची समवसरण की भूमि , इसके एक हाथ ऊपर कल्पभूमि होती है। हरिवंशपुराण के आधार से यह व्यवस्था मानी है तथा तिलोयपण्णत्ति में एक हाथ ऊपर से एक- एक हाथ ऊंची बीस हजार सीढि़यां मानी है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्र – Vajra Name of the 1st & 68th chief disciples of Lord Abhinandannath & Lord Adinath respectively, A thunderboll , stroke of lightening. तीर्थंकर अभिनन्दननाथ के प्रथम एवं भगवान आदिनाथ के 68वें गणधर का नाम , एक अस्त्र –इसकी मार से पर्वत भी चूर – चूर हो जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेत्र (चक्षु इन्द्रिय) – Netra (Chakshu Indriya). Eyes. आँख, चक्षु (चौथी इंद्रिय) “
दृष्टिनिर्विष ऋद्धि A type of supernatural power (making one cured by casting a glance of a saint). जिस ऋद्धि के प्रभाव से प्रसन्नचित्त साधु के द्वारा देखने मात्र से रोग व विष से पीडि़त जीव स्वस्थ और निर्विष हो जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवादेवी – Shivaadevee. Mother’s name of Lord Neminath. भगवान नेमिनाथ की माता, महाराज समुद्रविजय की महारानी का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीली – Neelee. Name of a lady famous for high moral character. प्रसिद्द पतिव्रता शीलवती स्त्री “
दूर प्रकृष्टि Magnetic effect (as a quality), Power of attraction. दूर से खीचना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निचैर्वृत्त्ति – Nichairvritti. Politeness, Meekness. नम्र वृत्ति, नम्रता” जो गुणों में उत्कृष्ट है उनके प्रति विनय अथवा नम्रता से रहना “