उन्मुख!
उन्मुख Raising the face, Looking upwards, Name of 9th Narad (a sage) of present era. चेहरा उठाना ऊपर देखना नवम नारद-इनकी आयु कृष्ण के बराबर एक हजार वर्ष की थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उन्मुख Raising the face, Looking upwards, Name of 9th Narad (a sage) of present era. चेहरा उठाना ऊपर देखना नवम नारद-इनकी आयु कृष्ण के बराबर एक हजार वर्ष की थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चूली A fire place (used for cooking food). पूतिकर्म का एक भेद , पंचसून आरम्भ में एक ; चूल्हा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थंडिल – Sthamdila. Sterilized place etc.सूक्ष्म जीवो की आशंका से रहित प्रासुक स्थान आदि।
उपकरण बकुश A kind of saints having attachment in their articles. बकुश मुनि का एक भेद जिन साधुओं की आसक्ति पिच्छी कमंडलु शास्त्र आदि उपकरण की शोभा बढ़ाने में होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्मुख Having four faces (reg. Lord Arihant in Samava- sharan), Name of a city in southern Vijayardh mountain, Name of the 7th Narad (a learned sage). समवशरण में अर्हन्त भगवान् का चारों दिशाओं में मुख दिखाई देना, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर, सातवें नारद का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मइजिण चरिउ – Sammaijina Chariu. Name of a treatise in Apabhransh language written by poet Raedhu on the conduct of lord mahavira. भगवान महावीर के चरित्र विषयक अपभ्रंष भाषाबद्व कवि रइधू कृत ग्रंथ। समय ई. 1400-1479।
उपचार विनय Formal respect, Reverential homage. आचार्य आदि के समक्षा आने पर खडे़ हो जाना उनके पीछे-पीछे चलना और नमस्कार आदि करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचेतना – Sanchetana. Absolute Consciousness. ज्ञानरूप शुद्ध आत्मा या ज्ञान चेतना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तिबुक संक्रमण – Stibuka samkramana. Simultaneous fruition of non-rising karmic nature with another rising one.गति, जाति आदि पिेड प्रकृतियो मे से जिस किसी विवक्षित प्रकृति के उदय आने पर अनुदय प्राप्त शेष प्रकृतियो का जो उसी प्रकृति मे संक्रमण होकर उदय आता है उसे स्तिबुक संक्रमण कहते है। जैसे एकेन्द्रिय जीवो के उदय प्राप्त…
चारित्राचार Observance of right conduct. ५ महाव्रत , ५समिति , ३ गुप्ति रूप सम्यक् चारित्र का पालन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]