वचन (असूनृत)!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (असूनृत) – Vachan (Asuunrta).: Coarse or vulgar language. असत्य वचन के 4 भेदों में अंतिम भेद; निंद्य, अप्रिय, पापयुक्त वचन बोलना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (असूनृत) – Vachan (Asuunrta).: Coarse or vulgar language. असत्य वचन के 4 भेदों में अंतिम भेद; निंद्य, अप्रिय, पापयुक्त वचन बोलना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्ठापक – Nishthaapaka. Accomplisher, one who fulfills religious duties. धार्मिक कार्य आदि को संपन्न करने वाला “
तपोवृद्ध Saints more experienced or senior in austerities. तप करने में जो बडे अर्थात् अनुभवी है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृष्टिप्रवाद A part of scriptural knowledge (Shrutgyan). द्वादशांग श्रुत का 12 वाँ अंग जिसमें 363 मिथ्यात्व मतों का निराकरण है, यह दृष्टिवाद का अपरनाम है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिरः कंप – Shirah Kampa. Blood-veins or vessels. शरीर की नालिकाकार वाहिनी, धमनी, नाडी आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषधकूट – Nishadhakoota. Name of a summit of ‘Nishadha’ and Sumeru mountain. निषध पर्वत का एक कूट तथा सुमेरु पर्वत के सौमनस व नन्दनवन में स्थित एक कूट “
दृढ़चर्याक्रिया To have strict faith in own philosophy. दीक्षान्वय की 48 क्रियाओं में एक शास्त्र के अर्थ का अवधारण करके स्वमत में दृढ़ता धारण करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिक्षा – Shikshaa. Learning, education, better discrimination, rationality. हिताहित का विवेक ” शास्त्राध्ययन करना, यह शिक्षा शब्द का अर्थ है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय स्थितिकरण – Nishchaya Stithikarana. Absolute diversion towards spiritualism. काम, क्रोध, मद, लोभ आदि भावों के होने पर अपनी आत्मा को धर्म में स्थित करना “