निश्रा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्रा – Nishraa. Shelter, Support. आश्रय, सहारा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शास्त्रार्थ – Shaastraartha. Religious interpretation or a doctrinal debate. वाद, धर्म प्रभावना के अर्थ में किया जाने वाला वाद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय व्रत – Nishchaya Vrata. Self realization, the super character of one. शील अर्थात् अपनी आत्मा से अपनी आत्मा में प्रवृति करना “
गौतमगणधर- जैनधर्म के २४ वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रमुख गणधर । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शालवन – Shaalavana. The initiation forest of Lord dharmanath. तीर्थंकर धर्मनाथ के दीक्षा वन का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय पूजा – Nishchaya Poojaa. To acieve the super knowledge of self. मुनि अवस्था में “जो परमात्मा है वह ही मै हूँ तथा जो स्वानुभवगम्य मै हूँ वही परमात्मा है, इसीलिए मै ही मेरे द्वारा उपासना के योग्य हूँ” ऐसा विचार करना ” अर्थात् आत्मा के ध्यान में एकाग्र हो जाना “
उपादेयबुद्धि Useful right knowledge . सम्यग्दृष्टि हेय को छोड़कर ग्रहण करने योग्य पदार्थ को ग्रहण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघमाल–Meghmaal. Name of a city in northern Vijayardh mountain, Name of a Vakshar mountain situated in western Videh (a region) विजयार्ध की उत्तरश्रेणी का नगर, अपर विदेह स्थित एक वक्षार पर्वत”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक शरण –Laukika Sharan The worldly shelter of powerful one(i.e. God ,ruler etc.). राजा ,देवता आदि की शरण “जीव ,अजीव ,मिश्र इसके तीन भेद हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विष वाणिज्य – Visha Vanijya. Trade of poison, destructive for all beings. जीवों को घात करने वाले विष का व्यापार “