बहुश्रुत भक्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुश्रुत भक्ति- 16 कारण भावना में एक भावना; उपाध्याय परमेष्ठी की भक्ति करना। Bahusruta Bhakti- Devotion for the scripture-proficients
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुश्रुत भक्ति- 16 कारण भावना में एक भावना; उपाध्याय परमेष्ठी की भक्ति करना। Bahusruta Bhakti- Devotion for the scripture-proficients
[[श्रेणी:शब्दकोष]] फलिसंक्रमण- संक्रमण का एक भेद। Phalisankarmana- A type of transition
द्वैताद्वैत नय Viewpoint of dualism and non-dualism. एक दृष्टिकोण जिसके अनुसार आत्मद्रव्य ज्ञान ज्ञेय अद्वैत नय से महान् ईंधन समूहरूप परिणत अग्नि की भाँति एक है एंव द्वैतरूपनय से पर के प्रतिबिम्बों सम्पृक्त दर्पण की भाँति अनेक हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्लिष्ट हस्तकर्म – Sanklishta Hastakarma. Hard manual work. छेदन-भेदन करना, पीसना, गूंथना, चित्र बनाना, खोदना आदि कार्य को संक्लिष्ट हस्तकर्म कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषध – अश्टमी, चतुर्दषी आदि पर्व के दिन उपवास अथवा एक बार भेजन करना। Prosadha- Fasting or one time eating
द्विसंधान महाकाव्य A treatise written by Dhananjaya. पाण्डव चरित्र पर धनन्जय कवि द्वारा रचित एक ग्रंथ। जिसमें रामायण और महाभारत दोनों कथाओं से संबंधित अर्थ निकलता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकोच विस्तार – Sankoca Vistaara. The state of contraction & expansion of soul points of beings. जीव के प्रदेशों का संहार व विसर्पण ” दीप के प्रकाश के समान जीव के प्रदेशों का संकोच-विस्तार होता है “
इ The third vowel of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का तृतीय स्वर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेक्षण मण्डप- अकृत्रिम चैत्यालयों में मुख मंडप के आगे का मंडप। Preksana Mandapa- Front portion of natural temples
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षण्मुख – Sanmukha. Name of the demigod of Lord Vasupujya. तीर्थंकर वासुपूज्य के शासन देव का नाम “