भैंससम!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैंससम:A type of listener who grasps less. श्रोता का एक प्रकार; जैसे भैंसा थोडा सा पानी पीकर बाकी सारा पानी गंदा कर देता है उसी तरह अल्प ग्रहण करने वाले श्रोता “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैंससम:A type of listener who grasps less. श्रोता का एक प्रकार; जैसे भैंसा थोडा सा पानी पीकर बाकी सारा पानी गंदा कर देता है उसी तरह अल्प ग्रहण करने वाले श्रोता “
दर्शनशुद्धि (शास्त्र) A book written by Acharya ‘Chandraprabh Suri’. आचार्य चन्दप्रभ सूरि (ई.1102) द्वारा रचित एक न्याय ग्रन्थ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबिंबवत् – Pratibinbavata. As similar to an image. प्रतिबिंब के समान “
तेजोजराशि A mathematical quantity, A chief disciple of Lord Rishabhdev. जिस राशि को चार से अवहृत (भाग) करने पर शेष तीन अंक रहते हैं, भगवान ऋषभदेव का 62 वां गणधर (तेजोराशि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपातस्थान – Pratipaatasthaana. Falling stage pertaining to abstinence. जिस स्थान पर जीव मिथ्यात्व, असंयम, सम्यत्तव अथवा संयमासंयम को प्राप्त होता है वह प्रतिपातस्थान है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिज्ञा – Pratigyaa. Provable proposition, solemn declaration. Resolution. अनुमान के 5 अंगों में एक अंग; पक्ष और साध्य का कहना “
तैजस शरीर बंध A kind of bond of lustrous molecules (reg. body). 5 प्रकार के बंधन नामकर्म के भेदों में एक भेद, गृहीत तैजस पुद्गल स्ंकधों का परस्पर मिल जाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणियोग – Praniyoga. Vibration in soul points caused due to the activities of mind, speech & body. मन, वचन और काय से युक्त जीव के प्रदेशों का परिस्पन्दनरूप योग “
दर्शन कथा A sacred legend . सति मनोवती नामक एक कन्या द्वारा गजमोती चढ़ाकर जितेन्द्र भगवान के दर्शन करने की एक प्राचीन रोमांचक कथा जिस पर गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने ‘प्रतिज्ञा’ नामक धार्मिक उपन्यास लिखा है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पचारण ॠध्दि – Puspacarana Rddhi. A type of supernatural power, moving over the flower-life without harming them. एक ऋद्धि; इस ऋद्धि से पुष्पों और उनमें रहने वाले जीवों को क्षति पहुंचाये बिना पुष्पों पर गमन के सकते हैं “