चारण!
चारण A protecting deity of ‘Nabhigiri’ (mountain). नाभिगिरी का एक राक्षस देव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारण A protecting deity of ‘Nabhigiri’ (mountain). नाभिगिरी का एक राक्षस देव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्सर्गमार्ग Path of renunciation, a path of conduct of Jaina saints. जैन मुनियों के चरित्र के दो भेदों में प्रथम भेद जहाँपूर्ण त्याग होकर शुद्धोपयोग रूप वीतराग संयम हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूकर – Shukara. A boar, the significant symbol of Lord Vimalnath. एक पशु, तीर्थंकर विमलनाथ का चिन्ह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्तेन प्रयोग -Stena Prayoga. Inspiring one for stealing an infraction of the vow of non-stealing.अचैर्य अणुव्रत का एक अतिचार । कृत, कारित, अनुमोदना से चोर को चोरी के लिए प्रेरित करना।
चलुलित दोष A fault pertaining to irregular singing of prayer. वंदना के ३२ दोषों में से एक ; पथ को पंचम स्वर में गाकर बोलना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चारूकीर्ति An Acharya of Nandisangh. नंदिसंह के एक आचार्य का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभवचनयोग – Shubha Vachanayoga. Auspicious saying or speech. सत्य, हित, मित, प्रिय वचन बोलना आदि शुभ वचन योग है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ तैजस शरीर – Shubha Taijasa Shareera. Auspicious lustrous body possessed by super saints. ऋद्धिधारी मुनियों के औदारिक शरीर से उत्पन्न होने वाला तेज़ और प्रभागुण से युक्त शरीर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ उपयोग – Shubha Upayoga. Auspicious and right conduct. दया, दान, पूजा, व्रत, शील आदि रुपराग और चित्त-प्रसाद रूप परिणाम होना शुभोपयोग है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुलोचन -Sulochana. One with attracting eyes, The 20th son of king Dhritrashtra. सुन्दर नेत्रों वाला, राजा धृतराष्ट्र एवं रानी गांधारी का 20 वाॅं पुत्र ।