उपादान भाव!
उपादान भाव Material cause . उपादान कारण रूप भाव।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपकरण बकुश A kind of saints having attachment in their articles. बकुश मुनि का एक भेद जिन साधुओं की आसक्ति पिच्छी कमंडलु शास्त्र आदि उपकरण की शोभा बढ़ाने में होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्गुप्रभ – Valguprabha.: Name of a heavenly abode of Kuber, Lokpal a protecting deity. कुबेर लोकपाल का विमान “
उपचार विनय Formal respect, Reverential homage. आचार्य आदि के समक्षा आने पर खडे़ हो जाना उनके पीछे-पीछे चलना और नमस्कार आदि करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्द्धमानचारित्र – Varddhamaana Chaaritra.: Name of a great treatise (epic) written by a great poet Asag. शक सं. 910 के महाकवि अगस द्वारा लिखित 18 सर्ग प्रमाण हिन्दी महाकाव्य “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागाभाग – Bhagabhaga. Divided divisions. कुल द्रव्यों का भाग करने पर, कितना भाग किसके हिस्से में आता है, इसे भागाभाग कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुर्यप्रज्ञप्ति – Suryapragyaapti. A part of scriptural knowledge containin description about the Sun (reg. its age, movement, family etc.) अंगश्रुत का एक भेद । दृष्टिवाद के प्रथम भेद परिकर्म में 5 प्रज्ञप्तियों का वर्णन है, उसमे यह दूसरी प्रज्ञप्ति है। इसमें 5 लाख 3 हजार पदो के द्वारा सूर्य की आयु, परिवार, वैभव, गति…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच अनुमानावयव – Pancha Anumaanaavayava. Five elements of apprehensive sentences. प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहारण, उपनय और निगमन ये अनुमान वाक्य के पंच अवयव है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूरकीर्ति – Soorakeertee. Name of Bhattarak of Nandi group. न्ंदिसंघ बलात्कारगण वारां गद्दी के एक भट्टारक भावनंदि के शिष्य , विद्याचन्द्र के गुरू । समय वि0सं0 1167 ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंकप्रभा – Pankaprabhaa. That (4th) earth which has the colour of clay or mud. चतुर्थ नरक भूमि; जिसकी प्रभा कीचड़ के समान है “