देवचतुष्क!
देवचतुष्क Quartet of particular Karmic nature (reg. celestial beings). देवगति, देवगत्यानुपूर्वी , वैक्रियिक शरीर व वैक्रियिक अंगोपांग इन 4 कर्मप्रकृतियों का समूह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवचतुष्क Quartet of particular Karmic nature (reg. celestial beings). देवगति, देवगत्यानुपूर्वी , वैक्रियिक शरीर व वैक्रियिक अंगोपांग इन 4 कर्मप्रकृतियों का समूह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलचारित्र – Vikalachaaritra.: Conduct of householders as Anuvrat. एक देश चारित्र;अनुव्रत रूप श्रावक का चारित्र “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भ्रष्ट मुनि:Deviated saints. इन्द्रिय और कषायों के अधीन रहने वाले साधु “
दिशा- विदिशा Directions & subdirections. पूर्व पश्चिम आदि 4 दिशा एंव ईशान आग्नेय आदि 4 विदिशा कहलाती हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणगुरु Perfect or virtuous chief saint. गुणों में प्रधान गुरु ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगोपभोगसंख्यान:Vow of limiting use of consumables. एक गुण व्रतःइसमें भोग और उपभोग की वस्तुओं की मर्यादा की जाती है “
दृश्यचित्र Landscape painting, picturesque.दिखलाई देने वाला चित्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ग्रैवेयिक देव A type of deities (residents of 9 Graiveyaks). १६ स्वर्गों से आगे ९ ग्रैवेयिक में रहने वाले देव ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]