धृतिक्रिया मंत्र!
धृतिक्रिया मंत्र Some particular type of mantras-mystic words. सज्जातिदातृभागी भव, सद्गृहिदातृभागी भव, आदि धृतिक्रिया के मंत्र है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धृतिक्रिया मंत्र Some particular type of mantras-mystic words. सज्जातिदातृभागी भव, सद्गृहिदातृभागी भव, आदि धृतिक्रिया के मंत्र है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वड्ढमाणचरिउ –Vaddhamaanachariu Name of a treatise written by poet Shridhar. कवि श्रीधर (ई .श. 12 का उत्तरार्ध) कृत 10 संधियों वाला अपभ्रंश काव्य ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैसर्गिक मिथ्यात्व – Naisargika Mithyaatva. Natural false belief. अग्रहीत मिथ्यात्व-परोपदेश के बिना मिथ्यात्व कर्म के उदय से जीवादि पदार्थों का अश्रद्धान रूप भाव “
धूमचारणऋद्धि A type of supernatural power, passing through spreaded smoke without any violence of micro beings. एक चारण ऋद्धि जिसके प्रभाव से मुनिजन नीचे ऊपर और तिरछे फैलने वाले धुएँ का अवलम्बन करके अस्खलित पादक्षेप करते हुए गमन करते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीलचंद – Sheelachanda. Name of a Bhattarak of nandi group. नंदीसंघ बलात्कारगण उज्जयनी गद्दी के एक भट्टारक् ” समय – वि. 735 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैपीरियन – NaiNaipeeriyana. Name of ‘ Logarithm to the base 2’. अर्द्धच्छेद या लाघुरिक्थ गणित; 2 के आधार वाले लघुरिक्थ का नाम नैपीरिय लॉग है “
धारणी A city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रतुंडा – Vajratunda A super power possessed by Bharat Chakravarti (an emperor) & by Lord Arahnath. चक्रवर्ती भरत की एक शक्ति ,यह शक्ति तीर्थंकर अरहनाथ के पास भी थी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचन्द्र – Nemichandra. A writer of ‘Devisandhan Kaya’ and many other books. द्विसंधान काव्य टीका, द्विसंधान काव्य, उत्सव पद्धति, त्रैवर्णिकाचार आदि के कर्ता “
धवल (कवि) A poet, the writer of ‘Harivanshpuran’. अपभ्रंश भाषाबद्ध हरिवंश पुराण के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]