शरीर संघात!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर संघात – Shareera Sanghaata. Karmic association of body. उदय को प्राप्त जिन कर्म स्कंधों को छिद्र रहित संशलेष किया जाता है उन पुदगल स्कंधों की ‘शरीर संघात’ यह संज्ञा है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर संघात – Shareera Sanghaata. Karmic association of body. उदय को प्राप्त जिन कर्म स्कंधों को छिद्र रहित संशलेष किया जाता है उन पुदगल स्कंधों की ‘शरीर संघात’ यह संज्ञा है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पानक- Panaka. Liquid edible materials. आहार का एक भेद – स्वच्छ (गर्म जल), बदल (इमली का पानी), लेवड , अलेवड, ससिक्थ, असिक्थ ये ६ पानक कहलाते हैं”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पा़त्र :Worthy donees (spiritually pure one), utensils.दान के लिए पात्र (मोक्षमार्ग के पथिक) जो उत्तम, मघ्यम, जधन्य के भेद से तीन प्रकार के होते है। बरतन।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयत्याग – Vishayatyaga. Renunciation of sensual enjoyments. भोगाकांक्षा का त्याग करना उसमें रागादि भाव नहीं करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशुध्द परिणाम – Vishuddha Parinama. Passionfree pure results. निर्मल, पवित्र जीवन के परिणाम अर्थात् कषाय या संक्लेश परिणामों या भावों की मंदता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकनिधि:One of the 9 treasures of chakravrti (emperor).चक्रवर्ती की 9 निधियोे मे एक निधि, धान्य को देने वाली।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पादोपगमन – Padopagamana. A type of holy & voluntary death, by leaving own group of saints himself. सल्लेखना का एक प्रकार अपने पाँव के द्वारा संघ से निकलकर और योग्य प्रदेश में जाकर मरण किया जाना (अपरनाम-प्रायोपगमन).
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव – मान – कषाय विवेक – Bhav –Man-Kasay vivek. Psychical wisdom. मन के द्वारा अभिमान को छोड़ना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाजित – Bhajita. Divided, Dividation. भाग देना, भागहार विधी में भाज्य राशि को भागहार द्वारा भाजित किया गाया कहते हैं “