लौकिक सुख!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक सुख –Laukika Sukh: Worldly enjoyments or pleasures . सांसारिक विषय भोगों से प्राप्त होने वाला क्षणिक सुख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक सुख –Laukika Sukh: Worldly enjoyments or pleasures . सांसारिक विषय भोगों से प्राप्त होने वाला क्षणिक सुख “
फलाकांक्षा Desire for getting worldly results. अनशन आदि में इहलौकिक फल की इच्छा रखाना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रैविद्य विश्वेश्वर A learned person of Dravid sangh (group) etc. द्रविड संघ के एक विद्वान का नाम । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय आराधना – Nishchaya – Aaraadhanaa. Absolute spiritual prayer or meditation, Synonym word For Mokshamarga, the path of salvation. निश्चय मोक्षमार्ग का एक अपरनाम ” मुनि अवस्था में सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र व तप एन चारों की आराधना व्यवहार आराधना है, इस व्यवहार आराधना के द्वारा आत्मा में एकाग्र परिणतिरूप ध्यान निश्चय आराधना है “
त्रिषष्ठिस्मृतिशास्त्र A book written by Pandit Ashadharji. पं. आशाधर जी (ई. 1173-1243) द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शवशय्यासन तप – Shavasayyaasana Tapa. A kind of austerity, to lie like a corspe. कायाक्लेश तप का एक भेद; शव की तरह निश्चेष्ट सोना “
दिव्यभाषा Resonant voice of Lord Arihant (Divyadhvani). नाना भाषाओं (718) में परिणत होने के अतिशय से सम्पन्न अर्हद्वाणी (दिव्यध्वनि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीरी – Shareeree. Having to do with the body, A living creature. जीव संसारावस्था में शरीर सहित होने पर शरीरी कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथमानुयोग- श्रुतस्कंध के 4 अनुयोंगों में प्रथम अनुयोग, इसमें तीर्थकर आदि त्रेसठ शलाकापुरुशों के चरित्र का वर्णन होता है। prathamanuyoga – biographical exposition related to jain – lord and great personalities of jain context.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तर गणना –Lokottara Gananaa The universal calculations ,super calculations . गणना प्रमाण के दो भेदों में एक भेद ;द्रव्य ,क्षेत्र ,काल ,भाव इसके 4 भेद हैं “