धैर्या!
धैर्या A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धैर्या A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र पूजा–Mishra Puja. To worship Lord ’Jina’, preceptors and ‘Books’ (scriptures). द्रव्य पूजा का एक भेद; प्रत्यक्ष उपस्थित जिनेन्द्र भगवान् और गुरु एवं कागज आदि पर लिपिबद्ध शास्त्र की पूजा करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकर्म तद्व्यतिरिक्त – Nokarma Tadvyatirikta. External causes for the state of any particular karmas. निक्षेप- किसी कर्म की अवस्था के लिये जो बाहरी कारण हो जैसे, क्षयोपशम रूप मतिज्ञान के लिए पुस्तक अभ्यास आदि “
धृतवीर्य A king of Kuru dynasty. धृतेन्द्र के पश्चात् हुआ एक कुरूवंशी राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वट्टकेर –Vattakera: Another name of kund-kund Acharya,who wrote Moolachar Granth (a treatise). आचार्य कुन्दकुन्द का अपरनाम जिन्होंने मूलाचार ग्रन्थ की रचना की “समय –ई .स .127 -179 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैसर्गिक गुण – Naisargika Guna. Internal qualities. स्वाभाविक, अन्तर्जात गुण “
धूप Fragrant gum or resin; one of the 8 worshipping articles of Lord Arihant. जिन भगवान की पूजन की अष्टद्रव्य सामग्री का एक द्रव्य, जिसको अग्नि में ‘खे’ (स्वाहा) कर अष्टकर्मों को दहन करने की भावना भायी जाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीलकथा – Sheelakathaa. Name of religious story written by poet Bharamal. कवि भारमल (ई. 1756) रचित हिंदी भाषाबद्ध कथा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैगमाभास – Naigaamabhaasa. False figurative standpoint. मिथ्या नैगम नय “
धान्यमाष फल A weighing unit. तौल का एक प्रमाण विशेष । 16 श्वेत सर्षप फल 1 धान्यमाष फल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]