रूपमद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपमद – आठ मदो में एक मद।अपनी सुन्दरता का घमण्ड होना। Rupamada-Pride of beauty-puff
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपमद – आठ मदो में एक मद।अपनी सुन्दरता का घमण्ड होना। Rupamada-Pride of beauty-puff
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावग्रह – Bhavagraha. Name of a planet. ८८ ग्रहों में ८३ वां ग्रह “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव दर्शन – Svabhaava Darssana. Self revealing perception. जो इन्द्रिय रहित और असहाय केवलज्ञान है वह स्वभाव दर्षन है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमल्ल सत्यवाक्य – ई 816 – 830 के एक राजा का नाम।इनके राज्यकाल में ही आचार्य विद्यानंदी नं 1 के द्वारा आप्त परीक्षा प्रमाणपरीक्षा युक्त्यानुषासन गं्रथ लिखे गए। Rajamalla Satyavakaya-Name of a king
जम्बूद्वीप- तीनों लोकों में मध्यलोक के अंदर असंख्यात द्वीप- समुद्रों में प्रथम द्वीप का नाम है – जम्बूद्वीप प्राचीन शास्त्रों में कही गई यह रचना हस्तिनापुर में पू० ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से सन् १९८५ में निर्मित हुई है । उसके दर्शन करने दुनिया भर से लोग हस्तिनापुर आते हैं । अथवा मध्यलोक का प्रथम…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वप्रत्यय उत्पाद – Svapratyaya Utpaada. Self origination caused due to increase & decrease in the property of non-gravity-levity.आत्मा मे अगुरुलधु गुणो की वृद्वि और हानि के निमित से होने वाला उत्पाद स्वप्रत्यय उत्पाद है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्ता (कुंड) – 32 विदेह की 64 नदियो में रक्ता नदी का कुण्ड जो नील व निशध पर्वत के मूल भाग में स्थित है। Rakta (Kumda)-A wide mouthed pool situated in the base part of Neel & Nishadh Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वपक्षसाधक हेतु – Svapaksa Saadhaka Hetu. A motive for one’s own fulfillment.हेतु स्वपक्ष का साधक और पर पक्ष का दूषक होना चहिये अर्थात् अपने अभीष्ट अर्थ की सिद्वि करने वाला हेतू।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रजस्वला स्त्री – देखे – पुश्यवती स्त्री Rajasvala Stri-Menstrous women
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख–Mukha. The fore–part, entrance, front, mouth, face. अग्रभाग, प्रवेश द्वार, प्रधान–मुख्य, धवला के अनुसार जीव प्रदेशो के विशिष्ट संस्थानों को मुख कहते है”