निर्वृत्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति – Nirvrtti. Formative sense, Subtype of physical sense. नामकर्म के द्वारा होने वाली रचना विशेष (इंद्रिय) को निर्वृत्ति कहते है ” जसे-आँख की पुतली आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति – Nirvrtti. Formative sense, Subtype of physical sense. नामकर्म के द्वारा होने वाली रचना विशेष (इंद्रिय) को निर्वृत्ति कहते है ” जसे-आँख की पुतली आदि “
दार्शनिक श्रावक See – Dar¹ana ©råvaka. देखें – दर्शन श्रावक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धि – Buddhi. Wisdom, Intelligence. ज्ञान, जिसके द्वारा समस्त पदार्थ के बारे में जाना जाता है “
उपवेशन Seating, An obstacle in saints food (by sudden sitting) . बैठना साधु संबंधी आहार अंतराय का एक भेद शारीरिक शिथिलता के कारण अचानक साधु का बैठना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आर्षयज्ञ Oblation-particular auspicious articles offering into the sacred fire. तीर्थंकर गणधर तथा अन्य केवलियों के शरीर संस्कार हेतु अग्रिकुमार इन्द्र के मुकुट से उत्पन्न त्रिविध अग्नियों के प्रतीक में हवन कुण्ड बनाकर मंत्रों के उच्चारण पूर्वक भक्तिसहित धूप सप्त धान्य घी आदि से आहुति देना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाशन – Prakashana. Publication, Making known. पुस्तक आदि को छापना, किसी विषय को प्रकाश में लाना, विभिन्न माध्यमों से धर्म की प्रभावना करना “
उपरितन स्थिति Position of upper specific karmic aggregation. ऊपर की स्थिति संबंधी निशेकों की उपरितन स्थिति कहते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरम्भकोपदेश Giving suggestion to rise from unnecessary violece. खेती आदि करने वालों को पृथ्वी, जल, अग्रि, पवन आदि के आरंभ का उपाय बताना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणकल्याणक – Nirvaanakalyaanaka. Holy event of salvation of Lord – Arihant. पंचकल्याणकों में एक कल्याणक; तीर्थंकरों के निर्वाण के अवसर पर देवों द्वारा मनाया जाने वाला उत्सव “
उपरिमग्रैवेयक An upper most spatial region of a Graiveyaks. 9 गैवेयक में ऊपर के 3 सुमनस, सोमनस, प्रीतिंकर विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]