लोकसेन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकसेन –Lokasena.: Name of the disciple of Achrya Gunbhadra. पंचस्तूप संघ की गुर्वावली के अनुसार आचार्य गुणभद्र के प्रमुख शिष्य ” आचार्य गुणभद्र रचित अधूरे उत्तरपूराण को पूर्ण किया ” समय –ई. 897-930 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकसेन –Lokasena.: Name of the disciple of Achrya Gunbhadra. पंचस्तूप संघ की गुर्वावली के अनुसार आचार्य गुणभद्र के प्रमुख शिष्य ” आचार्य गुणभद्र रचित अधूरे उत्तरपूराण को पूर्ण किया ” समय –ई. 897-930 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरंतरबंधी प्रकृति – Nirantarabandhi Prakrti. Constant Karmic nature (reg. binding). जो प्रकृतियां अंतर्मुहूर्त आदि काल तक निरंतर रूप से बंधती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरसा – Surasaa. Name of the female divinity of a peripatetic deity ‘Mahakal’. व्यंतरेन्द्र महाकाल की देवी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वदेव – Parsvadeva. Disciple of Yashdevacharya and who wrote Sangitsamaysar. संगीतसमयसार के रचयिता एवं यशदेवाचार्य के शिष्य “
दुर्नय False standpoint or viewpoint. एक- दूसरे की अपेक्षा न करके एकांत से किसी विषय का प्रतिपादन करने वाला नय जैसे- जीव नित्य ही है। इसे मिथ्यानय भी कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमनस – Sumanasa. The first heavenly aboding place of Urddhva Graiveyak. ऊध्र्व ग्रैवेयक का प्रथम इन्द्रक विमान ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारा – Para. Mercury, A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). एक धातु, भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी “
दुःख निरोध Cessation of sorrow. दुःख का अभाव अथवा दुःख को रोक देना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेश्या मार्गणा – Leshyaa maarganaa.: Investigation of attitudes of beings. 14 मार्गणाओं में एक मार्गणा जिससे जीव के भावों का अन्वेषण किया जाता है “