रोगपरिशहजय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोगपरिशहजय – 22 परिशहो में एक परिशह, असाध्य पीडा को उसके प्रतिकार की कामना रहित होकर साधु द्वारा समतापूर्वक सहन करना। रोग परिशह जय कहलाता हैं। Rogaparisaha Jaya-To bear afflictions of disease
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोगपरिशहजय – 22 परिशहो में एक परिशह, असाध्य पीडा को उसके प्रतिकार की कामना रहित होकर साधु द्वारा समतापूर्वक सहन करना। रोग परिशह जय कहलाता हैं। Rogaparisaha Jaya-To bear afflictions of disease
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजपद – BijaPada. Essenceful group of words used for infinite knowledge. संक्षिप्त शब्द रचना से सहित अन्तत अर्थो के ज्ञान का हेतु – भूत अनेक चिह्नों सें संयुक्त बिजपद कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध राशि – प्राप्त की गई राषि। Labdha rasi-Gained amount or quantity of something
[[श्रेणी :शब्दकोष]] म्रक्षित दोष–Mrakshit Dosh. An obstacle related to the food of saints (offering foods with oily hands or spoon etc.). आहार का एक दोष; घी–तेल आदि चिकने पदार्थसे लिप्त हाथ या चम्मच आदि के द्वारा साधु को आहार देना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंच प्रायश्चित सूत्र – Pancha Praayashchita Sutra. Five particular religious fomulae related with repentance. आगम, श्रुत, आज्ञा, धारणा, जीत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोमज वस्त्र – वस्त्र के पांच प्रकारो अंडज, वोडज, रोमज, वक्कज, चर्मज में एक प्रकार, उन से बने वस्त्र। Romaja (vastra)-Woolen clothes
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्त्र – Vastra.: Clothes, Dress, Garments. सिले हुए कपड़े,परिधान “ये 5 प्रकार के होते हैं –अंडज,वोंडज,रोमज ,वक्कज,चर्मज “
उभयद्रव्य A substance common to both sides (in Purva and Apurva krishties). जो द्रव्य पूर्व व अपूर्व दोनों कृष्टियों को दिया उसे उभय द्रव्य कहते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेणुका – विदेह क्षेत्र में स्थित 13 वें तीर्थकर चन्द्रबाहु की माता का नाम। Renuka-Mother’s name of 13th Tirthanakar (Jaina lord) of videh kshtera (region)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सोमयश – Somayasha. The grandson of Lord Rishavhdev, the son of Lord Bahubali. भगवान वृषभदेव का पौत्र एवं बाहुबलि का पुत्र, सोमवंष अर्थात चन्द्रवंश की स्थापना इसी के नाम पर हुई थी ।